(Bhashetihas) – भाषेतिहास


हिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना गया है।

सामान्यतः प्राकृत की अन्तिम अपभ्रंश अवस्था से ही हिन्दी साहित्य का आविर्भाव स्वीकार किया जाता है।

हिन्दी भाषा व साहित्य के जानकार अपभ्रंश की अंतिम अवस्था ‘अवहट्ट’ से हिन्दी का उद्भव स्वीकार करते हैं।

चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ ने इसी अवहट्ट को ‘पुरानी हिन्दी’ नाम दिया।

भाषेतिहास (Bhashetihas)

भाषेतिहासकारभाषेतिहास
धीरेन्द्र वर्मा (1897-1973 ई०)हिन्दी भाषा का इतिहास (1933 ई०)
उदय नारायण तिवारी (1903-1984 ई०)हिन्दी भाषा का उद्गम और विकास (1955 ई०)
हरदेव बाहरी (1907-2000 ई०)हिन्दी : उद्भव, विकास और रूप (1965 ई०)
भोलानाथ तिवारी (1922-1989 ई०)हिन्दी भाषा (1966 ई०)
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