पत्र लेखन CBSE Class 10

पत्र लेखन CBSE Class 10

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यहाँ CBSE Class 10 के लिए महत्वपूर्ण पत्र लेखन दिया जा रहा है, जो विद्यार्थी के लिए परीक्षा में बहुत काम आयेंगे।

पत्र लेखन CBSE Class 10

(1) किसी बस में वारदात कर भाग रहे अपराधी को संवाहक द्वारा पकड़ कर पुलिस को सौंपने की घटना की विवरण सहित जानकारी देते हुए परिवहन विभाग के प्रबंधक को पत्र लिखकर कि उसे पुरस्कृत करने का अनुरोध कीजिए।

परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।

दिनांक- 16 अक्टूबर 20XX

सेवा में,
मुख्य प्रबंधक महोदय,
दिल्ली परिवहन विभाग,
जनकपुरी, नई दिल्ली।

विषय- संवाहक के प्रशंसनीय साहसिक व्यवहार के लिए पुरस्कृत करने का अनुरोध।

महोदय,
निवेदन है कि मैं दिल्ली का निवासी हूँ और नियमित रूप से प्रातः आठ बजे जनकपुरी से द्वारका तक जाने वाली बस का यात्री हूँ। बस का संवाहक और चालक दोनों का ही व्यवहार मधुर तथा सहयोगीपूर्ण है। दोनों ही कुशलता और हिम्मत के धनी है।
आज रास्ते में एक व्यक्ति जनकपुरी बस स्टैंड से बस में चढ़ा। बस में 20-30 यात्री थे जो शांति से बैठे थे। जैसे ही बस आधे रास्ते पहुँची उस आदमी ने तमंचा निकालकर सभी से चुप रहकर अपना कीमती सामान उसके हवाले करने को कहा। बस में यात्रा कर रहीं महिलाएँ चीखने लगीं, संवाहक से सभी को शांत होने एवं हिम्मत रखने के लिए कहा। फिर उस आदमी को अपनी बातों में फँसाकर अन्य व्यक्ति को इशारा किया। सभी ने उसे दबोच लिया। उसने जैसे ही भागने की कोशिश की संवाहक ने चतुराई दिखाते हुए उसका सामना किया। रास्ते में पड़ने वाली पुलिस चौकी में जाकर उस अपराधी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। संवाहक का यह साहसिक कार्य प्रशंसनीय योग्य था।
अतः मैं विभाग से निवेदन करता हूँ कि संवाहक के इस साहसिक कार्य की प्रशंसा करते हुए उसे सम्मानित किया जाए जिससे सभी को प्रेरणा मिल सकें।
सधन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग

(2) आपकी बहन कस्बे से अपनी पढ़ाई पूरी कर आगे शिक्षा के लिए बड़े नगर में गई है नगर के वातावरण में संभावित परेशानियों की चर्चा करते हुए उनसे बचने के तरीके उसे पत्र द्वारा समझाइए।

परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।

दिनांक- 15 मार्च 20XX

प्रिय बहन अर्पिता
सस्नेह,
आशा करती हूँ कि तुम कुशल मंगल होगी और चिंताओं से मुक्त अध्ययनरत होगी।
प्रिय अर्पिता! माँ से कल फोन पर वार्तालाप हुआ और मुझे पता चला कि तुम पढ़ाई करने के लिए नगर गई हो। मुझे ख़ुशी है कि तुम शिक्षा प्राप्त करने के लिए तत्पर हो, किन्तु अब कस्बे से दूर नगरीय जीवन में तुम्हारा प्रवेश हो गया है, जहाँ का वातावरण और जीवन शैली बिल्कुल है। ध्यान रखना, कि व्यक्तित्व की परख बाह्य शृंगारिक चीजों से नहीं होती बल्कि शालीनता से होती है। नगर की चकाचौंध और भागदौड़ से बचकर रहना। स्वयं को फैशन की दौड़ में शामिल मत करना वरना अपने उद्देश्य से भटक सकती हो। नगर के लोगों से सावधान रहते हुए दूरी बनाए रखना। कस्बे में अपने लोगों के बीच रहकर अपनेपन की आदत बनाए रखना अच्छा था, परन्तु नगर में ऐसे लोग बहुत मिलेंगे जो सिर्फ अपना स्वार्थ पूरा करना जानते हैं।
विद्यार्थी जीवन का समय अमूल्य होता है। इस समय को न गंवाते हुए अपने उद्देश्य को पूरा करना और परिवार का सम्मान बढ़ाना। आगे तुम स्वयं समझदार हो। आशा है मेरी सलाह को तुम जरूर समझोगी।

तुम्हारी बड़ी बहन
क.ख.ग

(3) किसी विशेष टी. वी. चैनल द्वारा अंधविश्वासों को प्रोत्साहित करने वाले अवैज्ञानिक और तर्कहीन कार्यक्रमप्रायः दिखाए जाने पर अपने विचार व्यक्त करते हुए किसी समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।

दिनांक- 26 मार्च 20XX

सेवा में,
संपादक,
दैनिक समाचार पत्र,
बहादुर शाह जफर मार्ग,
नई दिल्ली।

विषय- टी. वी. चैनल में तर्कहीन व अवैज्ञानिक कार्यक्रम पर रोक लगाने हेतु पत्र

महोदय,
मैं आपके दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से टी.वी. चैनल के अधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाना चाहती है। टी.वी. चैनल में रात्रि नौ बजे एक धारावाहिक आता है जो अंधविश्वास को प्रोत्साहित करता है। इसका नाम है- ‘डर’ यह कार्यक्रम अवैज्ञानिक व तर्कहीन है। इसमें प्रत्येक दिन एक नयी कहानी दिखायी जाती है जो भूत पिशाचों से संबंधित होती है। इसका असर बच्चों पर अधिक पड़ रहा है क्योंकि बच्चे इसे शौक में देखते हैं और इसे ही सच मानते हैं। परन्तु इसका असर भयावह हो रहा है क्योंकि इसकी छाप मानसिक पटल पर रह जाती है। जो हमारी भावी पीढ़ी के लिए नुकसानदायक हो सकती है। आपसे अनुरोध है कि अपने लोकप्रिय समाचार पत्र में इस लेख को छापें ताकि टी.वी. चैनल से अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो तथा वे ऐसे कार्यक्रमों का प्रसारण न करें जो समाज को अंधविश्वासों से हानि पहुँचाए।
धन्यवाद!

भवदीया,
क. ख.ग.

(4) आप अपनी किसी चूक के लिए बहुत लज्जित हैं और माँ के सामने जाने का साहस भी नहीं जुटा पा रहे हैं। तथ्यों को स्पष्ट करते हुए माँ को पत्र लिखकर क्षमायाचना कीजिए।

परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।

दिनांक- 16 मार्च 20XX

आदरणीय माता जी,
चरण स्पर्श,
माँ कुछ दिनों पहले अर्द्धवार्षिक परीक्षा में मुझसे एक गलती हो गई। विज्ञान के पेपर की तैयारी अच्छी तरह न होने के कारण मैं परेशान था कारण परीक्षा में मैंने नकल की। परन्तु मैं इसके लिए अत्यधिक लज्जित हूँ। माँ मैंने गलती की है पर आज तक मैं इससे उभर नहीं पाया हूँ। पास होने के लिए मैंने गलत रास्ता स्वीकार कर लिया जो शर्मनीय कार्य है।

माँ इस गलती को स्वीकार करते हुए माफी माँगना चाहता हूँ। परन्तु साहस नहीं जुटा पा रहा हूँ। आपके सामने अपनी गलती स्वीकार करने में लज्जित महसूस कर रहा हूँ। आपके दिये गए संस्कारों का मान नहीं रख पाया। माँ मैं इस पत्र द्वारा आपसे माँफी चाहता हूँ। मुझे माफ कर दीजिए। आगे से ऐसी चूक कभी नहीं होगी। आज मुझे एहसास हो रहा है मैं आदर्श बेटा न बन सका। मैं वादा करता हूँ ऐसी गलती दुबारा नहीं होगी। माँ इस पत्र द्वारा मैं अपने भावों को स्पष्ट करने की हिम्मत जुटा पाया हूँ। आशा है, आप मुझे माफ कर देंगी।

आपका पुत्र,
क. ख. ग ।

(5) अपने विद्यालय में हुए संगीत समारोह पर टिप्पणी करते हुए माँ को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
सेंट जॉन्स स्कूल, आगरा।

दिनांक- 20 जनवरी, 20XX

आदरणीय माता जी,
सादर प्रणाम,
मैं पिछले कई दिनों से स्कूल में संगीत समारोह की तैयारी में व्यस्त थी। इस कारण आपको पत्र न लिख सकी। संगीत समारोह के लिए विद्यालय को अच्छी तरह सजाया गया। समारोह विद्यालय प्रांगण में हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान जी मुख्य अतिथि थे। वे जैसे ही विद्यालय के प्रवेश द्वारा पर आए उन पर फूलों की वर्षा होने लगी तथा विद्यालय प्राचार्य ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। हमारे विद्यालय की छात्राओं द्वार सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात् एक के बाद एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झाँकियाँ प्रस्तुत की गई। राजस्थानी नृत्य एवं गीत ने तो आगंतुकों को मन्त्र-मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय प्राचार्य ने उपस्थित मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अभिभावकों को सहर्ष धन्यवाद दिया। साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। अपने शुभाशीष के पश्चात् कार्यक्रम का समापन किया।

मेरी पढ़ाई ठीक चल रही है। मीनाक्षी कैसी है? आपका और पिताजी का स्वास्थ्य ठीक ही होगा। उनको मेरा प्रणाम कहना।

आपकी पुत्री
शालिनी

(6) विद्यालयों में योग-शिक्षा का महत्त्व बताते हुए किसी समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।

सम्पादक को पत्र

सेवा में,
सम्पादक महोदय,
दैनिक जागरण,
सेक्टर 20,
नोएडा, गौतमबुद्ध नगर।

दिनांक 5 जनवरी, 20XX

विषय- योग-शिक्षा का महत्त्व।

महोदय,
जन-जन की आवाज, जन-जन तक पहुँचाने के लिए कटिबद्ध आपके पत्र के माध्यम से मैं विद्यालय में योग-शिक्षा के महत्त्व को बताना चाहती हूँ।
योग शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे। योग शिक्षा उनके स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है।

योग के माध्यम से वे अपने शरीर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकाल सकते हैं। जिससे सकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण कर, वह स्वयं को ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं। योग के द्वारा कई। लाइलाज बीमारियों को भी जड़ से समाप्त किया जा सकता है। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए जीवनदायिनी औषधि की भाँति है।
आप अपने समाचार-पत्र के माध्यम से पाठकों को योग-शिक्षा ग्रहण करने के लिए आग्रह करें।
सधन्यवाद!

भवदीया
नीतू
आगरा।

(7) पी.वी. सिंधु को पत्र लिखकर रियो ओलंपिक में उसके शानदार खेल के लिए बधाई दीजिए और उनके खेल के बारे में अपनी राय लिखिए।

58/19,
अलकापुरी,
दिल्ली।

दिनांक 20 सितम्बर, 20XX

प्रिय पी.वी. सिंधु
सस्नेह नमस्कार,
कल आपका टी.वी. पर प्रदर्शन देखा। उसे देखकर मुझे बहुत गर्व हुआ। आपने ओलम्पिक में रजत पदक प्राप्त करके भारत का नाम रोशन किया है। आपकी यह सफलता प्रशंसा के योग्य है। ओलम्पिक में रजत पदक पाना बड़े सम्मान की बात है।
यह देख कर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि आपने अपने माता-पिता का ही नहीं अपितु पूरे देश का नाम विश्व में रोशन किया हैं आप बहुत अच्छी खिलाड़ी हैं।

आपके परिश्रम एवं प्रतिभा को देखकर मुझे पूर्ण विश्वास हो गया है कि आप एक न एक दिन स्वर्ण पदक भी प्राप्त करोगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप भविष्य में इसी प्रकार की सफलता प्राप्त कर जीवन के पथ पर आगे बढ़ती जाए। अंत में मेरी ओर से एक बार पुनः आपको इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई।
आपकी प्रशंसिका

(8) अपने क्षेत्र में जल-भराव की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए।

सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी,
आगरा नगर निगम,
आगरा।

दिनांक 20 जनवरी, 20XX

विषय- जलभराव की समस्या हेतु।

महोदय,
मैं लोहामंडी क्षेत्र की निवासी हैं तथा आपका ध्यान अपने क्षेत्र में जलभराव से हो रही समस्याओं की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ। वर्षा ऋतु के पश्चात् जगह-जगह सड़कों पर जलभराव हो गया जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है साथ ही आने-जाने वालों की गाड़ियों में पानी चले जाने के कारण खराब हो जाती हैं तथा वे दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। जल भराव से संपूर्ण क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। ऐसा नहीं है कि हमारे क्षेत्र में सफाई कर्मचारी नहीं आते अपितु वे नियमित रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करते थे, परंतु वे उस जलभराव की समस्या का समाधान नहीं करते हैं। कई बार मौखिक रूप से क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक से भी कहा तथा लिखित रूप में भी इसकी चर्चा की, परंतु किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। वर्षा के पानी का भराव गंदी नालियों और सफाई न होने के कारण पूरे क्षेत्र में मलेरिया के फैलने की भी संभावना बढ़ गई है। चिंता का विषय है।

अतः आप से अनुरोध है कि लोहामण्डी क्षेत्र के निवासी की इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उचित निर्देश देने की कृपा करें। जिससे कि पूरा क्षेत्र इस जलभराव की समस्या से बच सके।
मुझे आशा है कि आप हमारे क्षेत्र की सफाई करवाने के लिए तुरंत आवश्यक कार्यवाही करेंगे।

भवदीया
अ ब स

(9) अपने प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर अनुरोध कीजिए कि ग्रीष्मावकाश में विद्यालय में रंगमंच प्रशिक्षण के लिए एक कार्यशाला राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के सहयोग से आयोजित की जाए। इसकी उपयोगिता भी लिखिए।

सेवा में,
प्रधानाचार्य,
सर्वोदय बाल विद्यालय,
कमलानगर,
आगरा।

दिनांक- 5 जुलाई, 20XX

विषय- ग्रीष्मावकाश में विद्यालय में रंगमंच प्रशिक्षण के लिए नाट्य कार्यशाला हेतु।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम ग्रीष्मावकाश में विद्यालय में रंगमंच प्रशिक्षण के लिए एक कार्यशाला राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के सहयोग से आयोजित करना चाहते हैं। इसकी कई उपयोगिताएँ भी हैं, जिसके परिणामस्वरूप हमारे विद्यालय के विद्यार्थी इस कार्यशाला में नाट्य सम्बन्धी कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों/बिंदुओं को सीख सकेंगे एवं इससे लाभ लेकर वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन और अत्यधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षकों का भी पूर्ण योगदान रहेगा। अतः आपसे अनुरोध है कि आप हमें ग्रीष्मावकाश में विद्यालय में रंगमंच प्रशिक्षण के लिए कार्यशाला आयोजित करने की अनुमति प्रदान करने का कष्ट करें, जिससे सभी लोग लाभान्वित हो सकें।
धन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी शिष्य
अभिषेक
(छात्र प्रमुख)

(10) अपने चाचाजी को पत्र लिखकर अनुरोध कीजिए कि वे आपके पिताजी को इस बात के लिए समझाकर राजी करें कि आपको बाढ़-पीढ़ितों की सहायता के लिए गठित स्वयंसेवकों के साथ जाने के लिए सहमत हों।

पता : 37/18 जनकपुरी दिल्ली,

दिनांक-20 नबम्बर 20XX

आदरणीय चाचाजी,
सादर प्रणाम।
आशा करता हूँ कि घर में सब कुशलमंगल होंगे। हम भी यहाँ सब कुशलमंगल हैं। चाचाजी इस समय आपको पत्र लिखने का विशेष कारण है। हमारे विद्यालय से कुछ स्वयंसेवक संगठित होकर बाढ़ग्रस्त पीड़ितों की सहायता करने हेतु जा रहे हैं। मैंने भी अपना नाम दे दिया है और अगले सप्ताह मुझे उनके साथ जाना है। मगर पिताजी मुझे इस कार्य में जाने के लिए अपनी अनुमति नहीं दे रहे हैं।

आप अच्छी तरह जानते हैं इस समय बाढ़ पीड़ितों को हमारी मदद की आवश्यकता है। इस समय केवल आप हैं, जो मेरी सहायता कर सकते हैं। पिताजी को अब आप समझा सकते हैं। पत्र मिलते ही पिताजी से बात अवश्य कीजिए। पत्र समाप्त करता हूँ और आपके जवाब की प्रतीक्षा रहेगी।

आपका भतीजा
निर्मल सिंह

(11) हाल में देखे हुए किसी नाटक की समीक्षा करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।

दिनांक- 5 अक्टूबर, 20XX

प्रिय मित्र,
कैसे हो? आशा करता/करती हूँ कि कुशलतापूर्वक होंगे। मैं भी अच्छा हूँ। बहुत दिनों से तुम्हारे कोई समाचार प्राप्त नहीं हुए। मैंने अभी हाल ही में कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित एक नाटक देखा, जिसकी कहानी मेरे हृदय को अन्दर तक झकझोर गई कि कैसे संकीर्ण मानसिकता वाले व्यक्ति एक केन्या का जन्म होना। अभिशाप मानते हैं। उसके दुनिया में आने से पूर्व ही उसकी हत्या कर देते हैं। अगर सभी इस प्रकार करने लग जायेंगे तो लड़का लड़की का अनुपात बिगड़ जाएगा। यदि ऐसा हुआ तो आने वाले समय में विवाह के लिए लड़कियों की संख्या कम होगी बजाय लड़कों के। वो लोग ये कैसे भूल जाते हैं, कि हमें जन्म देने वाली भी एक स्त्री है। मुझे इस तरह की सोच रखने वालों पर बहुत तरस आता है, साथ ही गुस्सा भी बहुत आता है। हमें अपने आस-पास कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य कुकृत्यों को रोकना होगा तथा उनकी इस सोच को भी बदलना होगा कि बेटे के बराबर आजकल बेटियाँ भी हैं। उनको बताना होगा कि प्रत्येक क्षेत्र में बेटी बेटे से आगे है।
अंकल, आंटी को मेरा प्रणाम कहना।

तुम्हारा प्रिय मित्र
निखिल

(12) विद्यालय में एक संगीत-सम्मेलन करने की अनुमति देने हेतु अपने प्रधानाचार्य से अनुरोध कीजिए।

सेवा में,
प्रधानाचार्य,
सर्वोदय बाल विद्यालय,
जनकपुरी, दिल्ली।

दिनांक 5 अक्टूबर, 20XX

विषय- संगीत-सम्मेलन करने की अनुमति हेतु पत्र।

महोदय, सविनय निवेदन है कि हम 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस के अवसर पर एक संगीत सम्मेलन का आयोजन करना चाहते हैं। इसमें विद्यार्थी एवं अध्यापक-अध्यापिकाएँ अपनी-अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर अन्य ख्यातिप्राप्त संगीतकारों को भी आमन्त्रित किया जाएगा।

कृपया आप हमें अनुमति प्रदान करें कि हम अपने संगीत सम्मेलन के लिए संगीतकारों को आमन्त्रित करें। इस संगीत सम्मेलन में विद्यालय के संगीत के शिक्षक एवं शिक्षिका भी अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।

आपका आज्ञाकारी
शिष्य धन्यवाद!
राजीव
विद्यालय छात्र प्रमुख

(13) अपनी बहन को पत्र लिखकर योगासन करने के लिए प्रेरित कीजिए।

बी/24, गौतम नगर,
नई दिल्ली।

दिनांक- 11 जनवरी, 20XX

प्रिय बहन,
अभी-अभी मुझे पिताजी का पत्र प्राप्त हुआ, उससे घर के समाचार ज्ञात हुए। साथ ही यह पता चला कि तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखा करो। ये तो तुम को पता ही है कि पहला सुख निरोगी काया। इसके लिए तुमको नियमित रूप से योगासन करना चाहिए। भागदौड़ की जिंदगी में सभी बहुत व्यस्त हो गए हैं, उनको अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान नहीं रहता। जो व्यक्ति अपने शरीर की उपेक्षा करता है वह जल्दी ही बूढ़ा हो जाता है। इसलिए तुमको मैं यही सलाह दूंगा कि तुम नियमित रूप से योगा करो जिससे तुम्हारा शरीर चुस्त एवं फुर्तीला हो जाएगा। इससे तुम्हारे शरीर में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाएगी। स्वयं को हर वक्त तरो-ताजा महसूस करोगी। साथ ही कोई बीमारी तुमको छू भी नहीं पायेगी।

आशा करता हूँ कि तुम मेरी सलाह को मानोगी तथा उसका अपने जीवन में पालन करोगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि तुम पूर्णतः स्वस्थ हो जाओगी।

तुम्हारा भाई
अजय

(14) किसी महिला के साथ बस में हुए अभद्र व्यवहार को रोकने में बस कंडक्टर के साहस और कर्तव्यपरायणता की प्रशंसा करते हुए परिवहन विभाग के प्रबंधक को पत्र लिखिए।

सेवा में,
प्रबंधक,
दिल्ली परिवहन विभाग,
दिल्ली-110001

दिनांक20 मई, 20XX

विषय : बस कंडक्टर के प्रशंसनीय व्यवहार हेतु पत्र।

महोदय,
इस पत्र के द्वारा मैं आपको आपकी बस के एक कंडक्टर के प्रशंसनीय व्यवहार से अवगत करा रहा हूँ। मैं विकासपुरी का निवासी हूँ तथा प्रतिदिन 860 नं. की रूट बस से गाँधीनगर जाता हूँ। गत 20 अप्रैल की बात है, मैं गाँधीनगर से 860 नं. की बस से सायंकाल लगभग 7.00 बजे अपने घर लौट रहा था कि मोतीनगर के बस स्टॉप से कुछ मनचले बस में चढ़ गए। उन्होंने बस में बैठी एक महिला यात्री के साथ छेड़खानी अथवा अभद्र व्यवहार किया। बस कंडक्टर ने साहस के साथ उन युवकों का सामना किया और बहादुरी से उन्हें धर-दबोचा। यात्रियों ने भी बस कंडक्टर की सहायता से बस पुलिस स्टेशन में ले गया। जहाँ पुलिस अधिकारी ने बस कंडक्टर के साहस एवं कर्तव्यपरायणता के प्रशंसनीय व्यवहार की सराहना की। अतः आपसे आग्रह है कि आप कंडक्टर श्री रामप्रकाश को उनके प्रशंसनीय व्यवहार के लिए सम्मानित करें, जिसके परिणामस्वरूप अन्य कर्मचारी को भी प्रेरणा मिल सके।
धन्यवाद!

भवदीय
अशोक कुमार

(15) अपनी योग्यता तथा खेलों में रुचि का परिचय देते हुए अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य महोदय को विद्यालय के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित खेलों में भाग लेने की अनुमति के लिए प्रार्थना-पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
गजियाबाद।

सेवा में,
श्रीमती प्रधानाचार्या जी,
दयानन्द बाल मन्दिर
गाजियाबाद

दिनांक- 27 मार्च, 20XX

विषय- वार्षिकोत्सव में आयोजित खेलकूद में भाग लेने के लिए पत्र।

महोदया,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की दसवीं की छात्रा हूँ। आज ही कक्षाध्यापिका से वार्षिकोत्सव में खेलकूद प्रतियोगिता के आयोजन के विषय में सुना। जैसा आपको विदित है कि इस बार राष्ट्रीय व स्कूली स्तर पर आयोजित कई प्रतियोगिताओं में मैंने भाग लिया है व पुरस्कार भी जीते हैं। मेरा आपसे यही निवेदन है कि मुझे आप विद्यालय की इन प्रतियोगिताओं में खेलने की अनुमति प्रदान करें। आपकी अति कृपा होगी।
सधन्यवाद!

आपकी आज्ञाकारी शिष्या,
क.ख.ग़.
कक्षा- दसवीं (अ)

(16) अपने विद्यालय में पीने के स्वच्छ पानी की समुचित व्यवस्था हेतु प्रधानाचार्य को एक पत्र लिखिए।

प्रेषक,
परीक्षा भवन,
आगरा।

श्रीमान प्रधानाचार्य,
क ख ग विद्यालय,
जिला आगरा
आगरा।

विषय : स्वच्छ पानी हेतु।

महोदय,
मैं आपके विद्यालय की कक्षा IX का छात्र/छात्रा हूँ। पिछले कई समय से हमारे विद्यालय में स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं है। छात्र डर से आपको बताने में असमर्थ थे। लेकिन पिछले दिनों यह व्यवस्था बहुत खराब हो गई कई विद्यार्थियों की तबियत खराब हो गई जिससे पेट दर्द, दस्त, उल्टी जैसी समस्या सामने आई। डाक्टर से सलाह लेने पर पता चला कि यह समस्या पानी की वजह से है। देखने व समझने से पता चला कि विद्यालय के पानी का स्तर ठीक नहीं है अर्थात् स्वच्छता में कमी है टंकी बहुत समय से साफ नहीं हुई पानी में दुर्गंध भी आ रही है। एक जागरूक नागरिक होने व आपके विद्यालय का विद्यार्थी होने के नाते मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि विद्यालय में स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए टंकी को हर तीन महीने में साफ किया जाए टंकी के पानी में पानी साफ करने की मशीन लगाई जाए जिससे सभी विद्यार्थियों को स्वच्छ पानी पीने को मिले।
आशा है आप हमारी इस समस्या को प्राथमिकता देकर जल्द से जल्द दूर करेंगे।
सधन्यवाद!

प्रार्थी,
क ख ग।
कक्षा IX

(17) आपके बचत खाते का ए. टी. एम. कार्ड खो गया है। इस संबंध में तत्काल उचित कार्यवाही करने हेतु बैंक प्रबंधक को पत्र लिखिए।

प्रेषक,
अ ब क,
नई दिल्ली।

दिनांक- 20 मार्च, 20XX

प्रबंधक,
यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया,
नजफगढ़,
नई दिल्ली

महोदय
मैं (नाम:…………) आपके बैंक का निर्धारित ग्राहक हूँ। दिनांक 18 मार्च 20XX को मैं दिल्ली से आगरा बस से सफर का रहा था। अधिक भीड़ होने के कारण बैठने की जगह नहीं मिली गाजियाबाद पहुँचने पर पता चला मेरी जेब कट गई है। जो पर्स निकाला गया उसमें मेरा ए.टी.एम ड्राइविंग लाइसेंस कुछ रूपये व अन्य जरूरी कागज थे। बहुत खोजने पर भी वह नहीं मिला। अतः गाजियाबाद थाने में मैंने प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) करवा दी है और सभी खाते बंद करने की सूचना फोन के द्वारा सम्बंधित विभाग को दे दी है। आपसे अनुरोध है इस संबंध में बैंक के द्वारा की जाने वाली उचित कार्यवाही शीघ्रता से पूरी करके मुझे नया ए.टी.एम कार्ड देने की कृपा करे।
सधन्यवाद!

प्रार्थी
अ ब स
नई दिल्ली।

(18) आपकी हिन्दी शिक्षिका का स्थानांतरण हुए दो मास हो गए हैं और कोई नियमित विकल्प न मिलने से पढ़ाई नहीं हो पा रही। पत्र में इस समस्या की चर्चा करते हुए प्रभानाचार्य से तुरंत समाधान करने का आग्रह कीजिए।

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
टैगोर गार्डन, दिल्ली।

दिनांक: 10 अप्रैल 20XX

विषय- हिन्दी शिक्षिका के नियमित विकल्प हेतु आवेदन पत्र

सविनय निवेदन यह है हमारी हिन्दी शिक्षिका श्रीमती शुक्ला का स्थानांतरण हुए दो माह से अधिक का समय हो चुका है। कभी-कभी कोई शिक्षक आकर कक्षा में आकर पढ़ा देते है। विद्यार्थी कक्षा में शोरगुल करते रहते हैं। परीक्षाएँ नजदीक हैं। अतः हमारी आपसे करबद्ध प्रार्थना है। कि शीघ्र से शीघ्र हिन्दी पढ़ाने का प्रबन्ध किया जाय जिससे हमारा आगे नुकसान न हो।
सधन्यवाद!

आपकी आज्ञाकारिणी शिष्य
XYZ

(19) परीक्षा के दिनों में विद्युत आपूर्ति नियमित न होने से हो रही कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए विद्युत प्रदाय संस्थान के मुख्य प्रबंधक को तुरंत इसे ठीक करने का अनुरोध कीजिए।

सेवा में,
विद्युत प्रदाय संस्थान,
रोहिणी सेक्टर-7, दिल्ली।

दिनांक:10 अप्रैल 20XX

विषय: विद्युत आपूर्ति नियमित न होने की समस्या

निवेदन यह है कि हम रोहिणी सेक्टर-7 के निवासी बिजली की अनियमितता से बहुत परेशान हैं। आजकल बच्चों की परीक्षाएँ चल रही हैं। उनकी वर्ष भर की मेहनत इन्हीं दिनों की पढ़ाई पर निर्भर है। इन दिनों बिजली घण्टों-घण्टों तक गुल हो जाती है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हमारा निवेदन है कि कृपा करके विद्युत की आपूर्ति नियमित करें।
धन्यवाद!

भवदीय,
श्रीराम गुप्ता
अध्यक्ष सुधार समिति
सेक्टर-7 रोहिणी दिल्ली।

(20) आपको विद्यालय में खेलने का अवसर नहीं मिलता। कह दिया जाता है कि छात्र संख्या अधिक होने से सबके लिए व्यवस्था नहीं हो सकती। प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर इस समस्या पर चर्चा कीजिए और एक उपाय भी सुझाइए।

प्रेषक,
क ख ग
परीक्षा भवन,
प्रधानाचार्य,
च ब क विद्यालय
हांपुड़ उत्तर प्रदेश।

विषय : विद्यालय में खेलने के अवसर हेतु

महोदय,
मैं आपके विद्यालय का X का छात्र हूँ गत वर्षों से देखा जा रहा है कि किसी भी विद्यार्थी को खेलने का अवसर नहीं मिल रहा है। हमारे पाठ्यक्रमों के अनुसार सभी विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास जरूरी है जितना जरूरी पढ़ना है उतना जरूरी खेलना है। बहुत से विद्यार्थी ऐसे हैं जो खेल में बहुत अच्छे हैं जो विद्यालय और देश/प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं लेकिन मौका नहीं मिला। विद्यालय के बाहर किसी भी क्लब से जुड़ने के लिए अधिक पैसा लगता है हम उतना पैसा नहीं दे सकते। विद्यालय में खेल के अध्याय होने के बाबजूद हमें उनकी योग्यता का फायदा नहीं मिल पा रहा है। आपसे पहले वार्तालाप हुआ था तो आपने कहा था बच्चों की संख्या अधिक है आपका कहना ठीक है लेकिन सभी बच्चे खेल के स्तर पर नहीं उतरते हैं कुछ बुहत अच्छे हैं जो कर सकते हैं। आप उन्हीं बच्चों को प्रोत्साहन दे सकते हैं। दूसरा कि विद्यालय के पास जो पार्क खाली है उसमें विभाग से मिलकर हम उसको प्रयोग खेल के लिए कर सकते हैं। यह आपके स्तर की बात है।

हम सब विद्यार्थियों को आपसे अनुरोध है आपके चाहने से हमारा भविष्य बन सकता है और खेल की व्यवस्था हो सकती है आशा है आप हमारी इस समस्या पर ध्यान देंगे।
सधन्यवाद!

प्रार्थी,
समस्त छात्र,
च ब क विद्यालय।

(21) अपने क्षेत्र में सार्वजनिक पुस्तकालय खुलवाने की आवश्यकता समझाते हुए दिल्ली के शिक्षा-मंत्री के नाम एक पत्र लिखिए।

सेवा में,
शिक्षा-मंत्री महोदय,

दिल्ली सरकार, दिल्ली।

दिनांक: 27/03/20XX

विषयः सार्वजनिक पुस्तकालय के लिए दिल्ली के शिक्षा-मंत्री के नाम पत्र।

मान्यवर,
मैं अपने इस पत्र के द्वारा आपका ध्यान अपने क्षेत्र के लोगों के लिए एक पुस्तकालय की व्यवस्था की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। वर्तमान तकनीकी युग में पुस्तकों के अध्ययन के प्रति लोगों का लगाव कम होता जा रहा है। परिणामतः उनका समय मोबाइल या अन्य व्यर्थ के विवादों में व्यतीत हो रहा है। लोगों की रचनात्मक शक्ति क्षीण होती जा रही है।

अतः आपसे निवेदन है कि सरकारी अनुदान से मेरे क्षेत्र में एक सार्वजनिक पुस्तकालय की व्यवस्था एक उसके संचालन के लिए धन की व्यवस्था दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा करवाने की कृपा की जाए। इससे न केवल सामान्य जन अपितु सुविधाविहीन छात्र भी अपने अध्ययन के लिए लाभ उठा पाएँगे।
आपकी इस व्यवस्था के लिए हम सभी क्षेत्रवासी आपके आजीवन आभारी रहेंगे।
अ. ब. स.
अ. ब. स. क्षेत्र
दिल्ली।

(22) कक्षा में अनजाने हो गए अभद्र व्यवहार के लिए कक्षा-अध्यापक से क्षमा-याचना करते हुए पत्र लिखिए।

सेवा में,
कक्षा अध्यापक महोदय,
अ. ब. स. विद्यालय,
अ. ब. स. नगर।

दिनांक- 27/03/20XX

विषय- अभद्र व्यवहार के लिए कक्षा अध्यापक से क्षमा-याचना करते हुए पत्र।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं कक्षा नौ ‘अ’ का छात्र हैं। पिछली कक्षा में मुझसे अनजाने में अपने कक्षा के सहपाठियों के साथ अभद्र व्यवहार हो गया। मेरे कुछ मित्र एक-दूसरे के ऊपर पानी डाल रहे थे। मैं भी उन सबके साथ इस खेल में सम्मिलित था। बाद में मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे इस व्यवहार से आपको बहुत कष्ट हुआ है।

मैं अपने इस अनुचित कृत्य से लज्जित हैं तथा क्षमा याचना के साथ आपको विश्वास दिलाता हूँ कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी।
आपसे प्रार्थना है कि आप मेरे इस अभद्र व्यवहार को क्षमा कर मुझे अनुगृहित करेंगे। मैं इसके लिए आपका आभारी रहूँगा।
सधन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
अ. ब. स
कक्षा- नौ ‘अ’

(23) चौराहों पर भीख माँगते बच्चों को देखकर आपको कैसा इस समस्या के समाधान के लिए अपने विचार एक पत्र द्वारा किसी समाचार पत्र के संपादक को लिखिए।

सेवा में,
संपादक,
अ. ब. स. समाचार पत्र,
अ. ब. स. क्षेत्र,
अ. ब. स. नगर।

दिनांक- 00/00/00

विषय- चौराहे पर भीख माँगते बच्चों को की गंभीर समस्या और समाधान।

महोदय,
निवदेदन है कि मैं अ. ब. स. नगर के अ. ब. स. मुहल्ले का निवासी हूँ। इस पत्र के द्वारा मैं आपका तथा सरकार का ध्यान उपर्युक्त समस्या की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। मैं प्रतिदिन सुबह 8 बजे अपने पिता जी के साथ गाड़ी से विद्यालय के लिए जाता हूँ। रास्ते में एक चौराहा आता है जहाँ कुछ हम उम्र बालकों को भीख माँगते देख मेरा मन द्रवित हो उठा। मैं सोचने के लिए विवश हो गया कि आज भी भारत में इतनी गरीबी है कि लोग अपने बच्चों से पढ़ने की आयु में भीख मँगवाकर अपना पेट भरने का काम करते हैं। भारत में आज भी संसाधनों का इतना अभाव है कि जिन बच्चों के हाथों में पुस्तकें और लेखनी होनी चाहिए वे भीख के लिए हाथ फैला रहे हैं।

महाशय, यह एक गंभीर समस्या है। इस विकृत समस्या के समाधान के लिए सरकार और समाज दोनों को आगे आना होगा और मिलकर प्रयास करना होगा। सरकार के द्वारा ऐसे बच्चों के लिए नि:शुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की व्यवस्था करनी चाहिए तथा समाज के द्वारा इन बच्चों को शिक्षा प्राप्ति के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

विश्वास है, अपने समाचार पत्र में मेरे पत्र को प्रकाशित कर संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की और आकर्षित करेंगे।

अ. ब. स.
अ. ब. स. क्षेत्र
अ. ब. स. नगर

(24) अपनी पढ़ाई तथा अन्य गतिविधियों के बारे में बताते हुए अपने पिताजी को पत्र लिखिए।

अ. ब. स. नगर
अ. ब. स. क्षेत्र

दिनांक- 00/00/00

आदरणीय पिता जी,
सादर प्रणाम।
मैं कुशल हूँ, विश्वास है कि आप भी परिवार के सभी सदस्यों के साथ स्वस्थ होंगे।
पिता जी! प्रसन्नता के साथ आपको सूचित करना चाहता हूँ कि हर साल की भाँति इस बार भी विद्यालय की वार्षिक-परीक्षा अगले माह से प्रारंभ होने वाली है। परीक्षा में उत्तम परिणाम के समय-तालिका के अनुसार मैं यथायोग्य परिश्रम कर रही हैं। समय पर भोजन, शयन क्रीड़ा आदि का पूरा ध्यान रखता हूँ। सामाजिक कार्यक्रमों में भी पूरी सहभागिता रहती है। विद्यालय की शैक्षणिकेत्तर गतिविधियों में मैं अपने मित्रों के साथ पूरे उत्साह के साथ भाग लेता रहता हूँ।

आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं मेहनत करता रहूँगा और सर्वोत्तम स्थान पर स्थित रहूँगा। ग्रीष्मावकाश में घर आकर आपके तथा माता जी के दर्शन करूंगा।
परिवार में सबको यथायोग्य अभिवादन।

आपका प्यारा पुत्र,
अ. ब. स.।

(25) एक चौराहे पर स्कूल जाने की उम्र की किसी लड़की को भीख माँगता देखकर आपके मन में क्या भाव उठे? अपनी बड़ी बहन को पत्र लिखकर बताइए।

अ. ब. स. नगर,
अ. ब. स. क्षेत्र,

दिनांक- 19/04/20XX

आदरणीय बड़ी बहन,
सादर प्रणाम।
मैं कुशल हूँ, विश्वास है कि आप भी परिवार के सभी सदस्यों के साथ स्वस्थ होंगी।
दीदी, आज इस पत्र के द्वारा मैं अपने मन की बात को आपके साथ बाँटना चाहता हूँ। आज सुबह जब मैं अपने विद्यालय जा रहा था तो चौराहे पर एक हम उम्र बालिका को भीख माँगता देख मेरा मन काँप उठा। मैं सोचने को विवश हो गया कि आज भी भारत में इतनी गरीबी है कि लोग अपने बच्चों से पढ़ने की आयु में भीख मँगवाकर अपना पेट भरने का काम कराते हैं।

मैंने माता जी से इस संदर्भ में विस्तार से बात की है तथा उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे उस लड़की के लिए शिक्षा की व्यवस्था में उसके माता-पिता का सहयोग करेंगी। अब जाकर मेरे मन को कुछ शांति मिली है।
शेष अगले पत्र में। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखियेगा।

आपका प्यारा भाई,
अ. ब. स.।।

(26) ‘स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’ अभियान का आपके आस-पड़ौस में क्या प्रभाव दिखाई देता हैं? उसकी अच्छाइयों और सीमाओं की चर्चा करते हुए किसी समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।

सेवा में
मुख्य संपादक महोदय,
अ. ब. स. समाचारपत्र,
अ. ब. स. नगर।।

दिनांक : 03 अप्रैल, 20XX

विषय- ‘स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’ अभियान का आस-पड़ोस पर क्या प्रभाव।

मान्यवर,
इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान अपने इलाके में ‘स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’ अभियान का क्या प्रभाव हुआ। है इस विषय पर आकर्षित करना चाहता हूँ। महोदय ! इस अभियान के कारण हमारे समाज में एक क्रांति-सी आ गई है। कोई भी बच्चा हो या बूढ़ा सड़क पर या गलियों में कूड़ा-करकट फेंकना नहीं चाहता है। अस्पतालों या रेलवे प्लेटफॉर्म पर तो गंदगी का नामों-निशान मिट गया। है। इन सबका हमारे स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव पड़ा है। अब डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता कम हो गई है। अधिक से अधिक लोग स्वच्छता के प्रति सावधान और स्वस्थ रह रहे हैं। इसकी सबसे अच्छी बात है कि इससे समाज में आने वाली बीमारियों से राहत मिलेगी तथा एक स्वस्थ और स्वच्छ भारत का निर्माण होगा।

आपसे अनुरोध है कि समाज के हित को ध्यान में रखते हुए इस अभियान के विज्ञापन को अपने लोकप्रिय समाचार पत्र के मुख्पृष्ठ पर जगह देकर लागों को इसके प्रति आकृष्ट करने की कृपा करें।
इसके लिए हम सब आपके आभारी रहेंगे।
धन्यवाद।

भवदीय,
अ. ब. स.
अ. ब. स. मोहल्ला,
अ. ब. स. नगर।

(27) बस में छूट गए सामान को आपके घर तक सुरक्षित रूप से पहुँचाने वाले बस कंडक्टर की प्रशंसा करते हुए उसे पुरस्कृत करने के लिए परिवहन अध्यक्ष को एक पत्र लगभग 100 शब्दों में लिखिए।

महाप्रबंधक महोदय,
दिल्ली परिवहन निगम
पीतम पुरा, दिल्ली

दिनांक- 25 मार्च, 20XX

विषय- बस संख्या DL-IP 3845 (शादीपुर) के कंडक्टर की प्रशंसा हेतु पत्र।

महोदय,
मुझे इस बात की सूचना देते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि दिल्ली परिवहन निगम की बस संख्या DL-IP 3845 (शादीपुर डिपो) के कंडक्टर रामविलास जुनेजा ने कल अत्यंत प्रशंसनीय तथा साहसिक कार्य किया। एक व्यक्ति अपनी बेटी की शादी के लिए गहने खरीदकर आ रहा था। वह बस में सवार हुआ। थोड़ी ही देर में वह चिल्लाने लगा कि उसका बैग छीनकर कोई जेबकतरा बस से उतर गया है। रामविलास ने तुरंत बस रुकवा दी और जेबकतरे के पीछे दौड़ा और अपनी बहादुरी से उससे बैग भी छीन लिया। इस घटना को देखने में अपने जरूरी कागजात का बैग बस में ही भूल गयी। शाम के पाँच बजे मुझे मेरे घर पर मेरा कागजात का बैग लौटाने रामविलास जी मिले।

उनके साहस और ईमानदारी को देखते हुए मैंने उन्हें 1.000 रुपए का पुरस्कार देना चाहा, परंतु उन्होंने लेने से इंकार कर दिया और कहा कि ”मैंने अपना कर्तव्यपालन किया है।”
मैं आपसे आग्रह करती हूँ कि श्री रामविलास को पुरस्कृत और सम्मानित किया जाए जिससे कि अन्य व्यक्ति भी इनसे प्रेरणा लें।
धन्यवाद!

भवदीया
रुचि गुप्ता
ई-393, रमेश नगर, नई दिल्ली

(28) अपने बैंक के प्रबंधक को पत्र लिखकर अपने आधार कार्ड को बैंक खाते से जोड़ने का अनुरोध कीजिए।

प्रबंधक महोदय
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
सरस्वती विहार, दिल्ली

दिनांक- 25 फरवरी 2018

विषय- खाता संख्या-13457398 के साथ आधार कार्ड जोड़ने का आग्रह

महोदय,
मैं सोनिया गर्ग, बचत खाता संख्या-13457398 की धारक हूँ। मैं आपसे आग्रह करती हूँ कि मेरे आधार कार्ड, संख्या-631345678915 को मेरे बचत खाते के साथ जोड़ दीजिए। इस पत्र के साथ मेरे आधार कार्ड की प्रतिलिपि संलग्न है।
धन्यवाद!

भवदीय
सोनिया गर्ग

(29) विद्यालय के गेट पर मध्यावकाश के समय ठेले और रेहड़ी वालों द्वारा जंक फूड बेचे जाने की शिकायत करते हुए प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर उन्हें रोकने का अनुरोध कीजिए।

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय
क. ख, ग विद्यालय
अ. ब. स स्थान

दिनांक- 25 जनवरी, 20XX

विषय- विद्यालय के गेट पर मध्यावकाश में जंक फूड बेचने से रोके जाने के सम्बन्ध में पत्र।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे विद्यालय के गेट पर मध्यावकाश के समय ठेले और रेहड़ी वालों द्वारा जंक फूड बेचा जाता है। जंक फूड मिलने की वजह से अधिकतर विद्यार्थियों ने टिफिन लाना भी बंद कर दिया है। यह जंक फूड विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जंक फूड खाने से कई बच्चों की तबियत भी खराब हुई है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि आप यथाशीघ्र इन्हें हटवाने का प्रबन्ध करें।
धन्यवाद!

आपकी आज्ञाकारी शिष्या
क, ख, ग
कक्षा-दसवीं

(30) विदेश में रहने वाले अपने मित्र को भारतीय त्योहारों के विषय में पत्र लिखिए।

मित्र को पत्र

परीक्षा भवन
दिल्ली।

दिनांक : 20 अक्तूबर, 20XX

प्रिय मित्र,
सस्नेह नमस्कार!
कल ही तुम्हारा पत्र मिला। पढ़कर एक नई जानकारी प्राप्त हुई। तुमने ऑस्ट्रेलिया में मनाए जाने वाले त्योहारों का बड़ा ही सुंदर वर्णन किया है। अब मैं इस पत्र में भारतीय त्योहारों के विषय में लिख रहा हूँ। भारत त्योहारों का देश है जिनमें दीवाली, दशहरा, होली, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, लोहड़ी, करवाचौथ, बसंत पंचमी, बैसाखी, 15 अगस्त, 26 जनवरी, 2 अक्तूबर, 14 नवंबर आदि प्रमुख हैं। पर इसके अतिरिक्त भी यहाँ बहुत-से त्योहार मनाए जाते हैं। दीवाली अज्ञान पर ज्ञान की विजय, दशहरा असत्य पर सत्य की जीत, होली में सभी पुराने बैरों को भूलकर एक-दूसरे से गले मिलते हैं। हर त्योहार भारतीय बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। दीवाली दीपों का त्योहार है, दशहरा मेलों का त्योहार तथा होली रंगों का त्योहार है। मित्र, इस पत्र में इतनी जानकारी पर्याप्त है। शेष अगले पत्र में लिखेंगा। अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना तथा छोटे भाई को। प्यार देना।

तुम्हारा अभिन्न मित्र,
क. ख. ग.

(31) अपने मित्र को कार-दुर्घटना में उसके पिता की मृत्यु पर संवेदना-पत्र लिखिए।

मित्र को संवेदना पत्र

ए-26/15, शालीमार बाग
दिल्ली

दिनांक : 15-6-20XX

तुम्हारे पूज्य पिताजी की एक कार-दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु का समाचार सुनकर हृदय में असीम पीड़ा हुई। कुछ क्षणों के लिए इस समाचार पर विश्वास नहीं हुआ। पिछले सप्ताह ही तो मुझे उनसे मिलने का अवसर प्राप्त हुआ था। वे मुझे भी अपना ही पुत्र मानते थे। उनका वह मुस्कान से भरा मुखमण्डल आज भी मेरी आँखों के समक्ष विद्यमान है। मित्र! ईश्वर की लीला भी बहुत विचित्र है। इस संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है। उसकी आज्ञा के सम्मुख हमें अपना सिर झुकाना ही पड़ता है। मृत्यु पर किसी का भी वश नहीं चलता, मैं जानता हूँ कि तुम्हारे ऊपर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है, पर धैर्य धारण करने के अतिरिक्त कोई अन्य उपाय भी तो नहीं है। तुम तो स्वयं बुद्धिमान एवं धैर्यशील हो। तुम्हें धैर्य धारण करने के साथ ही घर के अन्य सदस्यों को भी धैर्य बँधाना चाहिए। मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करता हूँ कि वह तुम्हें और तुम्हारे परिवार को इस आकस्मिक आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

तुम्हारा मित्र
अरुण

(32) आए दिन बस चालकों की असावधानी के कारण हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए किसी समाचार पत्र के संपादक को एक पत्र लिखिए।

सेवा में,
प्रधान संपादक,
नवभारत टाइम्स,
आई. टी. ओ., दिल्ली।

दिनांक- 20 फरवरी 20XX

विषय- बस चालकों की असावधानी के कारण हो रही दुर्घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त करते हुए पत्र।

महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय दैनिक समाचार-पत्र के माध्यम से सरकार और आम जनता का ध्यान बस चालकों की बढ़ती लापरवाही और असावधानी की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ ताकि इस समस्या से छुटकारा पाने के सुदृढ़ उपाय किए जा सकें। बस चालक चाहे सरकारी नौकरी में कार्यरत हों या निजी क्षेत्र में काम करते हों, बसों को निर्धारित गति-सीमा से अधिक तेज चलाते है ताकि वे अपने गंतव्य पर समय से पहले ही पहुँच जाएँ। अधिक-से अधिक सवारियों को अपनी बस में बैठाने की होड़ में में असावधानी बरतते हैं।

इसी जल्दबाजी और सवारियों को चढ़ाने की आपा-धापी में कितने यात्री बस से गिरते-पड़ते उतरते हैं और भाग-दौड़ में ही बस में चढ़ते है। बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को दुर्घटनाग्रस्त भी होना पड़ता है। कितनी बार तेज बस चलाने के कारण वे लाल-बत्ती भी पार कर जाते हैं जिससे सड़क दुर्घटनाएँ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। आम आदमी को इन सभी कारणों से परेशानी झेलने पड़ रही है।

जनता के सब्र का बाँध टूटने से पहले, इन सभी को कड़ी से चेतवानी दी जानी चाहिए, अन्यथा स्थिति बेकाबू हो जाएगी।
सधन्यवाद!

भवदीया,
अंजलि गुप्ता (सचिव),
पीतमपुरा समाज सुधार कार्यालय,
दिल्ली।

(33) आपके नाम से प्रेषित एक हजार रु. के मनीआर्डर की प्राप्ति न होने का शिकायत पत्र अधीक्षक पोस्ट आफिस को लिखिए।

47, अशोक नगर
बरेली
सेवा में,
अधीक्षक,
मुख्य डाकघर, बरेली

दिनांक- 25 मार्च, 20XX

विषय- मनीआर्डर की प्राप्ति नहीं होने पर कार्यवाही हेतु पत्र

महोदय,
मैं बरेली का रहने वाला हूँ। मेरे घर से मेरे पिताजी ने दिनांक 3 मार्च, 20XX को 1000 रुपये का मनीआर्डर (रसीद संख्या XXXX) किया था, परन्तु अभी तक यह मनीआर्डर मुझे प्राप्त नहीं हुआ है। इस विषय में मैंने अपने क्षेत्र के पोस्ट आफिस के स्टाफ से संपर्क किया। परन्तु उनका कहना है कि उनको इसकी कोई जानकारी नहीं है। हमारा परिवार बहुत गरीब है और पिताजी दिहाड़ी की मजदूरी मेहनत करके मुझे पैसे भेजते हैं। आपसे निवेदन है कि इस दिशा में कुछ ठोस कदम उठाएं और जल्द से जल्द मुझे मनीआर्डर वाले पैसे दिलवाएं।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मेरी इस समस्या पर ध्यान देते हुए, उचित कार्यवाही करेंगे। मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।
धन्यवाद सहित

भवदीय
अ.ब.स.
9856XXXXXX

(34) नेशनल बुक ट्रस्ट के प्रबंधक को पत्र लिखकर हिंदी में प्रकाशित नवीनतम बाल साहित्य की पुस्तकें भेजने हेतु अनुरोध कीजिए।

परीक्षा भवन
नई दिल्ली।

दिनांक : 20 जनवरी 20XX

सेवा में,
प्रबंधक नेशनल बुक ट्रस्ट
मुख्य डाकघर
नई दिल्ली।

विषय- पुस्तक मंगाने हेतु प्रार्थना-पत्र

महोदय,
हमने छोटे बच्चों के लिए एक वाचनालय की शुरुआत की है, जिसमें छोटी-छोटी कहानियों का संग्रह, नेताओं की जीवनी, रामायण व महाभारत संबंधित पुस्तकों का संकलन होगा। मुझे निम्नलिखित दस पुस्तकें शीघ्र भिजवा दें और यहाँ प्रकाशित बच्चों संबंधित किताबों की एक सूची भी भिजवा दें। इस आर्डर की पुस्तकों की कीमत की अग्रिम राशि 1,000 रुपये का बैंक ड्राफ्ट नं XXXXX दिनांक 20 जनवरी, 20XX बैंक ग्रामीण आर्यावर्त बैंक इस पत्र के साथ भेज रहा हूँ। पुस्तकें भेजते हुए पहले यह सुनिश्चित कर लीजिएगा कि पुस्तकें अंदर से या बाहर से कटी-फटी न हों और प्रत्येक पुस्तक कवर चढ़ी हुई हो।

आपसे करबद्ध अनुरोध है कि सारी पुस्तकें बच्चों के वाचनालय हेतु है अतः हमारे द्वारा माँगी हुई सभी किताबों, पत्र-पत्रिकाओं पर यथासम्भव ”छूट” दें।

आपसे विनम्र निवेदन है जितना शीघ्र हो सके, निम्न पुस्तकों की 5-5 प्रतियाँ भिजवा दें :
1. मन्दाकिनी
2. अमन, प्रेम व आजादी
3. चम्पक
4. चन्द्रक्रान्ता
5. नन्दन
6. पंचतन्त्र की कहानियाँ
7. बच्चों की जातक कथाएँ
8 जंगल बुक
9. सिंहासन बत्तीसी
10. हितोपदेश
धन्यवाद!

भवदीय
सचिव, वाचनालय
मनीआर्डर भेजने का पता-
ईशान्त चावला
नई दिल्ली।

(35) रेल द्वारा बुक कराकर भेजा गया घरेलू सामान आपके निवास के निकटस्थ स्टेशन तक नहीं पहुँचा है, इसकी शिकायत करते हुए रेल प्रबंधक को एक पत्र लिखिए।

अ.ब.स
94, साबरमती गार्डन
अहमदाबाद।

सेवा में,
रेल प्रबंधक
वाराणसी कैन्ट रेलवे स्टेशन
वाराणसी

दिनांक- 25 मार्च, 20XX

विषय- सामान न पहुंचने का शिकायती पत्र।

महोदय,
मैं एक सरकारी कर्मचारी हूँ और अहमदाबाद से तबादले के बाद वाराणसी आया हूँ। मैंने अपना ज्यादातर घरेलू सामान लकड़ियों और स्टील के बक्सों में अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर वाराणसी कैन्ट स्टेशन के लिए बुक किया था। रेलवे की बुकिंग रसीद संख्या XXXX दिनांक 25 फरवरी, 20XX है। क्योंकि घरेलू सामान अभी तक यहाँ वाराणसी नहीं पहुँचा है, मैंने पार्सल घर और स्टेशन मास्टर से सम्पर्क किया, परन्तु वे कोई सन्तोषजनक उत्तर नहीं दे पा रहे हैं। रेलवे की पार्सल ट्रैकिंग की इन्टरनेट सेवा भी काम नहीं कर रही है। क्योंकि सामान घरेलू है इसलिए हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपसे अनुरोध है कि हमारा घरेलू सामान जल्द से जल्द वाराणसी स्टेशन पर मँगवाया जाए और हमें हमारा सामान दिया जाए।
अग्रिम धन्यवाद

भवदीय
अ.ब.स
9568XXXXX

(36) यात्रा करते समय मेट्रो में छूट गए अपने बैग और मोबाइल को मेट्रो कर्मचारी द्वारा आपको वापस भेज दिए जाने पर उसकी ईमानदारी की प्रशंसा करते हुए प्रबंधक को एक पत्र लिखिए।

सेवा में,
प्रबंधक
दिल्ली मैट्रो, नई दिल्ली

दिनांक : 25 जनवरी, 20XX

विषय : मेट्रो में छूटे सामान का वापस मिलना।

महोदय,
कल दिनांक 24 जनवरी, 20XX को मैंने द्वारका सेक्टर-9 से राजीव चौक तक की यात्रा मेट्रो से की थी। जल्दीबाजी में उतरते समय मेरा बैग मेट्रो में ही छूट गया। मुझे अपने आफिस पहुँचकर अपनी गलती का पता चला।

मेरे सुखद आश्चर्य की सीमा न रही जब मेट्रो के एक कर्मचारी श्री दीपक सिन्हा ने मुझे फोन पर बुलाया कि मेरा बैग राजीव चौक मेट्रो के आफिस में है और मैं अपना सामान ले जा सकता हूँ। उनका व्यवहार बहुत सुखद और प्रशंसनीय है। मैं उनके प्रति कृतज्ञ हूँ क्योंकि मेरे बैग में मेरे आफिस के कई कागजात आदि रखे थे। मैं चाहता हूँ कि ऐसे ईमानदार श्री दीपक सिन्हा को प्रमाण पत्र सहित सम्मानित करना चाहिए जिससे कि दूसरे कर्मचारी भी ईमानदारी का पाठ सीख सकें।
सधन्यवाद

भवदीय
(नाम, पता, फोन नम्बर)

(37) बस में यात्रा करते हुए आपका एक बैग छूट गया था जिसमें जरूरी कागज और रुपये थे। उसे बस कंडक्टर ने आपके घर आकर लौटा दिया। उसकी प्रशंसा करते हुए परिवहन निगम के अध्यक्ष को पत्र लिखिए।

सेवा में,
अध्यक्ष,
पंजाब राज्य परिवहन निगम,
अम्बाला।

दिनांक- बस में छूटे बैग का वापस मिलना।

महोदय,
कल दिनांक 24 फरवरी 20XX को मैंने दिल्ली में कार्य समाप्ति पर अम्बाला के लिए दिल्ली बस स्टैण्ड से वातानुकूलित (एयर कंडीशनिंग) बस पकड़ी थी। सफ़र पूर्ण होने पर मैं बस से उतर कर अम्बाला चला गया।

मेरे सुखद आश्चर्य की तब सीमा नहीं रही जब दो घंटे पश्चात बस के कंडक्टर श्री रामनाथ चौधरी मेरे घर का पता पूछते हुए मेरे बैग के साथ मेरे घर पहुँच गये। तब मुझे अहसास हुआ कि बस से उतरते हुए मैं अपना बैग बस में भूल गया था, जिसमें कई जरूरी कागज, कुछ रुपये और भारत सरकार द्वारा जारी आधार कार्ड था। उसी पर मेरे घर का पता लिखा हुआ था। मुझे कंडक्टर का व्यवहार बहुत सराहनीय और प्रशंसनीय लगा। मैं उसकी ईमानदारी के प्रति कृतज्ञ हूँ। मैं चाहता हूँ कि इस तरह के ईमानदार कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए, जिससे दूसरे कर्मचारी भी ईमानदारी का पाठ सीख सकें।
सधन्यवाद और श्री रामनाथ चौधरी का पुनःआभार।भवदीय
(नाम, पता, फोन नम्बर)
(दिनांक 28 जनवरी 20XX)

(38) अपनी कक्षा को आदर्श कक्षा का रूप देने के लिए अपने सुझाव देते हुए प्रधानाचार्य महोदय को एक प्रार्थना पत्र लिखिए।

सेवा में
प्रधानाचार्य महोदय,
नवीन भारती पब्लिक स्कूल,
सरोजनी नगर, नई दिल्ली।

दिनांक : 5 फरवरी, 20XX

विषय- आदर्श कक्षा के सम्बन्ध में सुझाव हेतु।

महोदय,
मैं आपके विद्यालय की दसवीं कक्षा का छात्र हूँ। मैं अपनी कक्षा को एक आदर्श कक्षा के रूप में देखना चाहता हूँ। इसके लिए मैं आपके सम्मुख कुछ सुझाव प्रस्तुत करना चाहता हूँ। आदर्श कक्षा आदर्श विद्यार्थियों से बनती है। अतः ज्ञान को प्राप्त करके ही विद्यार्थी आदर्श विद्यार्थी बन सकता है।

यह विद्या ही है जो मनुष्य को नम्र, सहनशील और गुणवान बनाती है। यदि अध्यापक प्रत्येक छात्र को पढ़ाई हेतु प्रेरित करें तथा उनके लिए उचित समय सारणी तैयार करें तो भविष्य में प्रत्येक छात्र उन्नति कर सकेगा। पढ़ाई के साथ उन्हें नैतिक शिक्षा भी प्रदान की जाएजिससे वे अच्छाई और बुराई के बीच अंतर कर सकें। जो छात्र पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करे एवं आदर्श विद्यार्थी बनकर दिखाए, उसे पुरस्कृत किया जाना चाहिए ताकि कक्षा के अन्य विद्यार्थी भी उससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सफलता की ओर अग्रसर कर पाएं। विद्यार्थियों को अनुशासित किया जाए, कक्षा में साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया जाए और समय के महत्व के विषय में जानकारी दी जाए। इस प्रकार की पहल और प्रयास द्वारा हमारी कक्षा एक आदर्श कक्षा बन जाएगी। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि आप मेरे सुझावों पर अवश्य विचार करें।
सधन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी शिष्य
क.ख.ग
कक्षा दसवीं ‘ब’

(39) अपनी दादी की चित्र-प्रदर्शनी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखते हुए उन्हें बधाई-पत्र लिखिए

67- ए, मोहन नगर,
नई दिल्ली।

दिनांक 10 जुलाई, 20XX

पूजनीय दादा जी,
सादर चरण स्पर्श।
आशा करती हूँ कि आप स्वस्थ होंगी। आपके द्वारा जो प्रदर्शनी लगाई गई थी, वो मुझे बहुत पसन्द आई है। आपने जिन चित्रों का प्रयोग प्रदर्शनी में किया था, वे बहुत ही आकर्षक एवं मनमोहक थे। दर्शकों द्वारा उनकी बहुत प्रशंसा की गयी थी। परिवार के सभी सदस्यों द्वारा भी उसकी सराहना की गई।

सभी लोगों ने आपकी प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए आपको बधाई दी है। साथ ही ईश्वर से प्रार्थना करते है कि ऐसे ही आपका भविष्य और उज्ज्वल हो।

आपको तथा अन्य सभी को मेरा सादर चरण स्पर्श।
आपकी प्यारी पोती
अनीता

(40) अपनी योग्यताओं का विवरण देते हुए प्राथमिक शिक्षक के पद के लिए अपने जिले के शिक्षा-अधिकारी को आवेदन-पत्र लिखिए।

सेवा में,
जिला शिक्षा अधिकारी,
जोधपुर, (राज)।

दिनांक 5 जुलाई, 20XX

विषय- प्राथमिक शिक्षक के पद के लिए आवेदन-पत्र।

मान्यवर,
रोजगार समाचार दिनांक 16/4/ 2017 के माध्यम से यह ज्ञात हुआ कि आपके अधीन प्राथमिक शिक्षकों के कुछ स्थान रिक्त हैं तथा उनके लिए आवेदन-पत्र आमन्त्रित किए गए है। मैं भी इसी पद के लिए अपना आवेदन-पत्र आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रही हूँ। मेरी शैक्षणिक योग्यताएँ अनुभव तथा अन्य विवरण निम्नलिखित है।

मैंने जोधपुर विश्वविद्यालय में स्नातक की उपाधि द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण की है।
मैंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से 1997 में इण्टरमीडिएट की परीक्षा भी द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण की है।
मैंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से ही वर्ष 1995 में हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है।
मैंने राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र जोधपुर (राज) से बेसिक टीचर कोर्स वर्ष 2002 में सफलतापूर्वक पूरा किया है। (STC) इस परीक्षा में भी अच्छे अंक प्राप्त किए।

मैं जुलाई 2008 से डी.ए.वी. हायर सैकेण्डरी स्कूल, जोधपुर में प्राथमिक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हूँ।

मैंने अपने विद्यार्थी जीवन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर कई पुरस्कार प्राप्त किए। मैं 36 वर्षीय स्वस्थ महिला हूँ।

आशा है कि आप मुझे सेवा का एक अवसर अवश्य प्रदान करेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाती हूँ कि मैं चयन किये जाने के पश्चात अपने कर्तव्यों को पूर्ण निष्ठा के साथ पालन करूँगी तथा अपने कार्य एवं व्यवहार से अधिकारियों को सदा संतुष्ट रखने का प्रयास करूँगी। आवेदन पत्र के साथ प्रमाण-पत्रों के प्रतिरूप संलग्न है।

धन्यवाद
प्रार्थी
अनीता कुमारी

(41) आपके क्षेत्र के पार्क को कूड़ेदान बना दिया गया था। अब पुलिस की पहल और मदद से पुनः बच्चों के लिए खेल का मैदान बन गया है। अतः आप पुलिस आयुक्त को धन्यवाद पत्र लिखिए।

अपना पता
परीक्षा भवन
क, ख, ग,
नई दिल्ली- 1100XX

सेवा में,
पुलिस आयुक्त
पश्चिमी दिल्ली

दिनांक- 18 मई, 20XX

विषय- आभार व्यक्त करने हेतु।

महोदय,
हम मदनपुर निवासी इस क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों और आपको धन्यवाद देना चाहते हैं। हम दिल से आभारी रहेंगे। इस क्षेत्र के पार्क में पिछले कुछ वर्षों में कूड़ा फ़ेंक-फ़ेंक कर उसे कूड़ाघर में तब्दील कर दिया था।

परन्तु पुलिस से मीटिंग के बाद, पार्क के पास एक बोर्ड लगवाया गया कि उस क्षेत्र में कूड़ा फेंकना मना है। पुलिस विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर की नियुक्ति ने कूड़ा डालने वालों को वहाँ आने से मना कर दिया। फिर आसपास के रिहायशी इलाकों वाले लोगों के साथ पार्क में एक फुटपाथ का निर्माण कर पार्क को एक नया रूप मिला। अब सुबह और शाम को लोग पार्क में घूमने आने लगे है और इसका श्रेय पुलिस विभाग को मिलना चाहिए।

एक बार फिर से इस क्षेत्र के लोग आपको धन्यवाद देते हैं।
मदनपुर क्षेत्र के निवासी
(सेक्रेटरी)

(42) पटाखों से होने वाले प्रदूषण के प्रति ध्यान आकर्षित करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए।

58, पंकज लेन
वसंत कुंज,
नई दिल्ली।

दिनांक- 25 अगस्त, 20XXप्रिय मित्र,
तुम्हारा पत्र मिला। जानकर ख़ुशी हुई कि तुम्हारे माताजी-पिताजी इन दिनों यूरोप घूमने गए हुए हैं और वे सभी प्रमुख जगहों पर जाएँगे। यूरोप घूमकर वापस आने वाले लोग वहाँ के वातावरण जो पूर्णतया प्रदूषण रहित है, का वर्णन करते हैं।

हमारे देश में अब अगले महीने दीपावली का पर्व आ रहा है जहाँ तक दियों या बल्ब से शहर का रोशन होना बहुत अच्छा लगता है वहीं दिवाली और दिवाली से पूर्व पटाखे चलाने से होने वाले प्रदूषण से वातावरण इतना खराब हो जाता है कि पटाखों से निकलने वाले सल्फर के कणों के कारण साँस लेना दूभर हो जाता है और कई बिमारियों की जड़ है। इसलिए मैं तो तुमसे यही कहना चाहूँगा कि खुद भी पटाखे चलाने से परहेज करो और अपने आसपास के लोगों को भी पटाखों से होने वाले प्रदूषण के बारे में बताओ।

तुम्हारा मित्र
भवेश

(43) नगरों में कल कारखानों से प्रदूषण में हो रही वृद्धि को रोकने हेतु किसी दैनिक पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
मेरठ।

दिनांक 17 जुलाई, 20XX

सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
दिल्ली रोड,
मेरठ।

विषय- शहर में बढ़ते प्रदूषण के संदर्भ में।

मान्यवर,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से जनता, अधिकारियों तथा सरकार का ध्यान शहरों में कल-कारखानों के कारण होने वाले प्रदूषण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। आशा है कि आप मेरे पत्र को अपने प्रतिष्ठित समाचार-पत्र में प्रकाशित करेंगे।

आज के आधुनिक युग में उद्योग-धंधों का तेजी से प्रसार हो रहा है। इनकी चिमनियों से निकलने वाले धुएँ से वायुमंडल में प्रदूषण की मात्रा बहुत बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त औद्योगिक केंद्रों में मशीनों से निकलने वाले कचरे से भी वायुमंडल में प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण चाहे कैसा भी हो, स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। वायुमंडल में शुद्ध वायु की कमी विभिन्न रोगों को जन्म देती है। अपने शहरों के चारों ओर स्थित अनेक उद्योग-धंधों की चिमनियों से निकलने वाला धुआँ तथा कोयले की राख आस-पास के निवासियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रही है।

मेरा मुख्यमंत्री, जिलाधीशों तथा प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से विनम्र अनुरोध है कि वे इस ओर ध्यान दें तथा इस संबंध में आवश्यक एवं कठोर कदम उठाएँ, जिससे समस्या का उचित समाधान हो सके।
सधन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

(44) आपका एक मित्र शिमला में रहता हैं। आप उसके आमंत्रण पर ग्रीष्मावकाश में वहाँ गए थे और प्राकृतिक सौंदर्य का खूब आनंद उठाया था। घर वापस लौटने पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मित्र को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।

दिनांक 23 मार्च 20XX

प्रिय मित्र नीरज,
सस्नेह अभिवादन,
मैं कुशलतापूर्वक दिल्ली पहुँच गया हूँ। आशा है तुम भी ठीक होंगे। बहुत बहुत धन्यवाद मित्र। इस ग्रीष्मकाल के अवकाश को तुमने यादगार बना दिया। मैंने स्वपन में भी इस तरह का नजारा नहीं देखा जो तुमने मुझे शिमला में दिखाया। तुम्हारे व तुम्हारे परिवार के सहयोग द्वारा ही हमारी यह मात्रा यादगार बनी। सच में तुम तो प्रकृति की गोद में ही रहते हो। इतना सुंदर दृश्य तुमने हमें पहाड़ियों से दिखाया जैसे स्वर्ग हो।

मैं अपने शब्दों द्वारा भी उस प्राकृतिक दृश्यों का वर्णन नहीं कर सकता। यहाँ आकर के मुझे दोबारा तुम्हारे साथ बिताए गए समय का स्मरण हो रहा है। मेरे माता-पिता जी भी तुम्हारे व तुम्हारे परिवार वालों को याद कर रहे हैं। मेरी माता तो तुम्हारी माता जी की मित्र ही बन गई थी। सच में दो परिवारों के साथ मिलकर की गई यात्रा यादगार ही बन जाती है। आशा है तुम भी परिवार सहित दिल्ली आओ तो हम सभी साथ मिलकर मथुरा-वृंदावन घूमने चलेंगे। चाचा जी व चाची जी को मेरा प्रणाम कहना एवं बहन को स्नेह देना। तुमसे पुनः मिलने की आशा में।

तुम्हारा मित्र
ऋषि

(45) आपके क्षेत्र में डेंगू फैल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखकर उपयुक्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना-पत्र लिखिए।

19-कौशलपुर,
कानपुर।

दिनांक : 29-3-20XX

सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी।

महोदय,
सविनय निवेदन इस प्रकार है कि मैं वाराणासी क्षेत्र का निवासी हूँ इस पत्र के द्वारा आपका ध्यान अपने क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्या की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ। हमारे क्षेत्र में डेंगू प्रबल रूप से फैलता ही जा रहा है जिस कारण अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की सख्त कमी है। उचित स्वास्थ्य सुविधाएँ और डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों की मृत्यु हो रही है।

अतः आप से निवेदन है कि हमारे क्षेत्र के अस्पताल में उचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए और दवाएँ उपलब्ध करवाई जाए जिसमें डेंगू से पीड़ित मरीजों की जान बचाई जा सके।

यदि आपने मेरी समस्या पर अमल किया तो मैं और मेरे क्षेत्र के निवासी आपके अत्यंत आभारी रहेंगे।

सधन्यवाद !

भवदीय,
नन्द कुमार

(46) अपने प्रिय मित्र को पत्र लिखकर धन्यवाद दीजिए कि आड़े वक्त में उसने किस तरह आपका साथ दिया था।

142 पटेल नगर,
नई दिल्ली।

दिनांक :13-3-20XX

प्रिय मित्र,
मधुर स्मृति।

मैं यहाँ पर कुशल मंगल हूँ तथा तुम्हारी कुशलता की कामना ईश्वर से करता हूँ।
पत्र लिखने का कारण यह कि मैं तुम्हें तुम्हारी दयालुता और सहयोग भावना के लिए तहेदिल से धन्यवाद प्रकट करना चाहता हूँ।
मित्र जब मुझे पैसे की सख्त आवश्यकता थी और मैं लाचार था तब आड़े वक्त में तुमने मुझे पैसे देकर मेरी समस्या को दूर किया। मैं शुक्रगुजार हूँ कि तुम्हारा किस प्रकार कर्ज चुकाऊँ।

ईश्वर से प्रार्थना है कि तुम्हारे जैसा मित्र सबको मिले। मैं तुम्हारी दयालुता को कभी भुला नहीं पाऊंगा घर में अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम देना और छोटे भाई बहन को प्यार।

तुम्हारा अभिन्न मित्र,
विवेक।

(47) कंप्यूटर लैब में हिन्दी में काम करने की सुविधा के लिए ‘हिन्दी फॉन्ट’ की व्यवस्था करवाने का आग्रह करते हुए प्राचार्य/प्राचार्या को 80-100 शब्दों में आवेदन पत्र लिखिए।

सेवा में,
प्रधानचार्य महोदय,
नवोदय विद्यायल,
दरभंगा, बिहार.

दिनांक:10.03.2020

विषय:- कंप्यूटर लैब में हिंदी कार्य करने हेतु ‘हिंदी फॉन्ट’ की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु अनुरोध पत्र।

आदरणीय महोदय,
अपार खुशी के साथ विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कंप्यूटर लैब का उद्घाटन करने हेतु आपका धन्यवाद अर्पित करता हूँ। आपके इस कदम से हम डिजिटल युग के अनुसार अपने आप को उत्कृष्ट बना पाएँगे। कंप्यूटर लैब में हिंदी के कार्य फिलहाल हिंदी फॉन्ट के उपलब्ध नहीं रहने के कारण सम्पर्ण करना संभव नहीं है। आधुनिक युग में जनमानस तक अपनी पहुँच स्थापित करने हेतु हम अंतरराष्ट्रीय भाषा के साथ ही हिंदी भाषा में भी कार्य करने का हुनर सीखना चाहते है। अतः श्रीमान से निवेदन है कि कंप्यूटर लैब में ‘हिंदी फॉन्ट’ की व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित करने हेतु उचित आदेश पारित करें और हमें कृतार्थ करें।

आपका विश्वासी
राम कुमार
कक्षा दसवीं (बी)

(48) समाज में बढ़ते अपराध को रोकने के लिए नागरिकों को जागरूक करने का आग्रह करते हुए किसी दैनिक अख़बार के संपादक को 80-100 शब्दों में पत्र लिखिए।

220, रामनगर,
उत्तराखण्ड।
दिनांक – 10 जनवरी 2020

सेवा में,
श्रीमान संपादक महोदय,
दैनिक हिंदुस्तान,
उत्तराखण्ड।

विषय- समाज में बढ़ते हुए अपराधों की समस्या के समाधान हेतु पत्र।

महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय समाचार पत्र के माध्यम से अपने समाज में व्याप्त अपराध सरकार के अधिकारियों का ध्यान में बढ़ती हुई अपराध वृत्ति की ओर दिलाना चाहती हूं। आशा है कि आप मेरे पत्र को अपने लोकप्रिय समाचार पत्र में प्रकाशित करेंगे।

अत्यंत खेद के साथ मुझे लिखना पड़ रहा है कि समाज में आजकल गुंडागर्दी ,हत्याएं ,लूटपाट, बलात्कार जैसी आपराधिक घटनाएं लगातार हो रही हैं। आए दिन घरों के ताले तोड़कर चोर घरों में घुसकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लुटेरों की हिम्मत भी इतनी इतना बढ़ गयी है कि राह चलती महिलाओं के गले से चेन खींचने की घटनाएं भी आम बात हो गई है। बढ़ते अपराधों से महिलाएं डर के कारण घर से अकेले आने जाने का भी साहस नहीं जुटा पाती हैं। पुलिस की गश्त करने वाली वैन सड़क पर दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती। सिपाही गश्त पर नहीं आते। इस वजह से अपराधियों के हौसले दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं।

अतः आपसे अनुरोध है कि इन अपराधों की रोकथाम के लिए जल्द-से-जल्द कार्यवाही करें, जिससे अपराधियों के मन में कानून के प्रति भय उत्पन्न हो और वे अपराध करने से पहले दस बार सोचें। अपराधियों पर नियंत्रण रखा जाना अत्यंत आवश्यक है।
धन्यवाद।

भवदीय
विष्णु पाठक

(49) अपनी बड़ी बहन का विवाह होने के कारण आप अपने विद्यालय आने में असमर्थ हैं। तीन दिन की अवकाश प्राप्ति के लिए प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन
मध्य प्रदेश।

दिनांक- 18 मार्च, 20XX

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
डी ए वी पब्लिक स्कूल,
दुधीचुआ कोल परियोजना, सिंगरौली,
मध्य प्रदेश।

विषय- तीन दिन की अवकाश प्राप्ति हेतु।

महोदय,
मैं आपके विद्यालय में कक्षा दसवीं ‘ब’ का विद्यार्थी हूँ। मेरी बड़ी बहन का विवाह इसी महीने की 24 तारीख का होना निश्चित हुआ है। विवाह संबंधी कार्यों में पिताजी का हाथ बँटाने तथा घर पर निकट संबंधियों एवं अन्य आगंतुकों (मेहमानों) के आ जाने के कारण घर के कामों में मेरी व्यस्तता बढ़ गई है। विभिन्न प्रकार के कार्यो के लिए भागदौड़ करने वाला कोई अन्य व्यक्ति मेरे परिवार में न होने के कारण, ये सभी कार्य मुझे ही करने पड़ रहे हैं। इस स्थिति में मैं विद्यालय आने में असमर्थ हूँ।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि आप मुझे दिनांक 22 मार्च, 20XX से 24 मार्च, 20XX तक तीन दिनों का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। इसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।
सधन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी शिष्य
क.ख.ग
कक्षा दसवीं ‘ब’

(50) ऑटो-रिक्शा चालकों की मनमानी एवं अनियमितता को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने हेतु अनुरोध करते हुए राज्य परिवहन मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
लखनऊ।

दिनांक- 04 मार्च, 20XX

सेवा में,
प्रमुख सचिव,
परिवहन विभाग,
उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ।

विषय- ऑटो-रिक्शा चालकों की मनमानी एवं अनियमितता को नियंत्रित करने हेतु।

महोदय,
मैं इलाहाबाद महानगर के कर्नल गंज क्षेत्र का निवासी हूँ। शहर में रहने के कारण स्थानीय यातायत के लिए मैं ऑटो-रिक्शा का प्रयोग करना सुविधाजनक समझता हूँ। मैं ऑटो-रिक्शा परिचालन संबंधी अव्यवस्था एवं ऑटो-रिक्शा चालकों की मनमानी से आपको अवगत कराना चाहता हूँ। एक दिन ऑटो-रिक्शा से मैंने मात्र 4 किमी की दूरी तय की, ऑटो-रिक्शा चालक ने किराए के रूप में मुझसे 50 रु. माँगे। वास्तविक किराया 20 रु. होने के कारण, जब मैंने उसे 50 रु. देने से मना किया, तो वह जोर-जबरदस्ती पर उतर आया। मजबूरन मुझे उसको 50 रु. देने पड़े।

श्रीमान एक तो ऑटो-रिक्शा वाले मनमाना किराया वसूलते हैं, दूसरे निर्दिष्ट स्थान पर छोड़ने में आनाकानी भी करते हैं। महिलाओं के साथ उनकी अभद्रता की शिकायतें आम हैं। ऐसी दशा में मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि ऑटो-रिक्शा चालकों की मनमानी को रोकने के लिए शासन के स्तर पर शीघ्रातिशीघ्र कोई प्रभावी कदम उठाने की कृपा करें।

भवदीय
क.ख.ग.

(51) समस्त औपचारिकताएँ पूर्ण करने के बाद भी अभी तक आपको अपना आधार पहचान-पत्र नहीं मिला है। इस समस्या के समाधान हेतु संबंधित अधिकारी को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 25 अक्टूबर, 20XX

सेवा में,
अनुभाग अधिकारी,
विशिष्ट पहचान प्राधिकरण,
दिल्ली।

विषय- आधार पहचान-पत्र न मिलने के संदर्भ में।

मान्यवर,
मैं पुरानी दिल्ली क्षेत्र का निवासी हूँ। मैं तीन महीने पूर्व ही संबंधित कार्यालय में आधार पहचान-पत्र से जुड़ी सारी औपचारिकताएँ पूर्ण कर चुका हूँ, परन्तु अभी तक मुझे मेरा आधार कार्ड प्राप्त नहीं हुआ है।
इस संबंध में कई बार संबंधित कार्यालय के अधिकारियों से बात कर चुका हूँ, परंतु उनके द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी मेरी समस्या का हल नहीं हो पाया है।

आधार पहचान-पत्र समय पर न मिलने के कारण मुझे और मेरे परिवार को जन-कल्याण संबंधी कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
मुझे आधार पहचान-पत्र की अत्यंत आवश्यकता है। अतः आपसे निवेदन है कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मुझे मेरा आधार पहचान-पत्र शीघ्रता से दिलवाने का कष्ट करें।
सधन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग

(52) आपके विद्यालय का पुस्तकालय विभिन्न प्रकार की पुस्तकों से भरा हुआ है, परंतु हिंदी पत्र-पत्रिकाओं का अभाव है। हिंदी की पत्र-पत्रिकाओं व उच्चकोटि का साहित्य मँगवाने के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 28, दिसंबर, 20XX

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
राजकीय कन्या विद्यालय
रूप नगर, दिल्ली।

विषय- पुस्तकालय में हिंदी की पत्र-पत्रिकाएँ मँगवाने हेतु।

महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की दसवीं ‘अ’ कक्षा की छात्रा हूँ। मैं आपका ध्यान हमारे विद्यालय के पुस्तकालय की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ। विद्यालय का पुस्तकालय विभिन्न प्रकार की पुस्तकों से भरा हुआ है, परंतु उसमें हिंदी पत्र-पत्रिकाओं का अभाव है। हिंदी साहित्य की केवल कुछ ही पुस्तकें उपलब्ध हैं जोकि विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पर्याप्त नहीं है। इससे विद्यार्थियों को असुविधा होती है। अतः आपसे निवेदन है कि विद्यार्थियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पुस्तकालय में हिंदी पत्र-पत्रिकाओं व उच्चकोटि का साहित्य मँगवाने की कृपा करें। ताकि विद्यार्थियों को अपना कार्य करने और हिंदी साहित्य को पढ़ने व समझने का अवसर प्रदान हो सके।
धन्यवाद!

भवदीया
क. ख. ग.

(53) आपके इलाके के पार्क में कई अनधिकृत खोमचे वालों ने डेरा बसा लिया है उन्हें हटाने के लिए नगर निगम के अधिकारी को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 29 नवंबर 20XX

सेवा में,
नगर निगम अधिकारी,
दिल्ली नगर निगम,
दिल्ली- 110001

विषय- इलाके के पार्क से अनधिकृत खोमचे वालों को हटाने हेतु।

महोदय,
इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान अपने इलाके के पार्क में अनधिकृत खोमचे वालों की ओर आकर्षित करना चाहते हूँ। मैं आदर्श नगर का निवासी हूँ, पिछले दिनों से हमारे क्षेत्र के पार्क में अनेक खोमचे वालों ने कब्जा कर लिया है। ये खोमचे वाले पार्क में बैठकर खाने-पीने का सामान बेचते है। इनके द्वारा बेची जाने वाली खाद्य सामग्री अत्यंत निम्न स्तर की होती है। इन्हें बनाने में घटिया तेल व निम्न गुणवत्ता वाली चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। ये स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत हानिकारक है। साथ ही, इन खोमचों के कारण पार्क में घूमने-फिरने की जगह भी नहीं रह गई, जिससे यहाँ के निवासियों को अत्यंत कठिनाई हो रही है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारे क्षेत्र के पार्कों से इन खोमचे वालों को हटवाने की कृपा करें।
धन्यवाद!

भवदीया
क.ख.ग.

(54) आपका मित्र विदेश में रह रहा हैं। अपने मित्र का कुशल-क्षेम जानने के लिए उसे पत्र लिखिए।

454, मुखर्जी नगर,
दिल्ली।

दिनांक 13 मार्च, 20XX

प्रिय मित्र अवधेश,
नमस्कार।

आशा हैं, आप स्वस्थ एवं प्रसन्न होंगे। काफी समय बीत गया, आपका कोई पत्र नहीं आया। ऐसा लगता हैं जैसे फ्रांस में नौकरी मिलने के बाद से आप काफी व्यस्त हो गए हैं।

आप मेरा यह पत्र मिलते ही जवाब दें, एवं मुझे यह भी बताएँ कि देश से दूर रहकर चिकित्सा कार्य करने का आपका अनुभव कैसा रहा।

हो सकता हैं कि कार्य में अत्यधिक व्यस्त रहने के कारण आपको पत्र लिखने का समय न मिल पाता हो, परन्तु अपने इस मित्र के लिए कुछ समय तो निकाल ही लिया करें। इससे मुझे ख़ुशी मिलेगी।

आपकी भारत आने की योजना कब हैं, यह भी पत्र में लिखना। भाभी को मेरी तरफ से प्रणाम कहना, भांजी सृजना को प्यार देना।

आपके पत्र की प्रतीक्षा में

आपका मित्र,
राज कौशल

(55) अपने छोटे भाई को उसके जन्मदिन के उपलक्ष्य में बधाई सम्बन्धी पत्र लिखिए।

कौशिक एन्क्लेव,
दिल्ली।

दिनांक 15 मार्च, 20XX

प्रिय अनुज मुकेश,
शुभाशीर्वाद।

पिछले दिनों तुम्हारा पत्र मिला। पत्र में तुमने मुझसे 20 मार्च को दिल्ली आने की गुजारिश की हैं। मुझे याद हैं कि 20 मार्च को तुम्हारा जन्म-दिन हैं और इसलिए तुमने मुझे घर आने के लिए लिखा हैं। जन्म-दिवस के उपलक्ष्य में मैं तुम्हें हार्दिक बधाई देता हूँ। मैं प्रभु से यही कामना करता हूँ कि तुम्हारा भावी जीवन सुखद एवं मंगलमय हो। ईश्वर तुम्हारी सम्पूर्ण इच्छाओं को पूर्ण करे।

इस शुभ अवसर के उपलक्ष्य में मैं तुम्हारे लिए चुनी हुई कुछ पुस्तकों का उपहार रजिस्टर्ड डाक से भेज रहा हूँ। मुझे विश्वास हैं कि तुम पुस्तकों में निहित ज्ञान को ग्रहण करके प्रगति के पथ पर आगे बढ़ोगे। अपनी व्यस्तताओं के चलते मैं इस बार तुम्हारे जन्म-दिन के उपलक्ष्य में वहाँ पर उपस्थित नहीं हो सकता, आशा हैं इसे अन्यथा नहीं लोगे। मेरा आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ हैं।

घर में सभी को यथायोग्य प्रणाम।

तुम्हारा भाई,
नरेन्द्र

(56) चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम आने पर मित्र को बधाई पत्र लिखिए।

224, वसंत कुंज,
नई दिल्ली।

प्रिय गौरव,
मधुर स्मृतियाँ।

मैं यहाँ कुशल हूँ और ईश्वर से तुम्हारी कुशलता की कामना करता हूँ। दो दिन पहले ही तुम्हारा पत्र प्राप्त हुआ। यह जानकर अत्यंत प्रसन्न्ता हुई कि तुमने अंतविद्यालयी चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मेरे परिवार व मेरी ओर से तुम्हें हार्दिक बधाई। तुम बचपन से ही चित्रकला में रुचि लेते आए हो और अपनी कक्षा में भी सबसे सुंदर चित्र बनाते हो। सभी अध्यापक व अध्यापिकाएँ भी तुम्हारी प्रशंसा करते हैं। तुम्हारी मेहनत व लगन का परिणाम आज तुम्हारे सामने है। भविष्य में भी तुम इसी प्रकार सफलता प्राप्त करते रहो, मेरी यही कामना है।

अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना और आरुषी को स्नेह देना। पत्र का उत्तर शीघ्र देना।

तुम्हारा मित्र,
अनुराग

(57) अपने मित्र को वार्षिक परीक्षा में प्रथम स्थान पर उत्तीर्ण होने के उपलक्ष्य में बधाई पत्र लिखिए।

40/3, नेहरू विहार,
झाँसी।

दिनांक 16 मार्च, 20XX

प्रिय मित्र शेखर,
जय हिन्द !

15 मार्च, 20XX के समाचार-पत्र में तुम्हारी सफलता का सन्देश पढ़ने को मिला। यह जानकर मुझे बहुत ख़ुशी हुई कि तुमने जिला स्तर पर 12वीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया हैं।

प्रिय शेखर, मुझे तुम से यही आशा थी। तुम्हारी पढ़ाई के प्रति निष्ठा और लगन को देखकर मुझे पूर्ण विश्वास हो गया था कि 12वीं कक्षा की परीक्षा में तुम अपने विद्यालय तथा परिवार का नाम अवश्य रोशन करोगे। परमात्मा को कोटि-कोटि धन्यवाद कि उसने तुम्हारे परिश्रम का नाम अवश्य रोशन करोगे। परमात्मा को कोटि-कोटि धन्यवाद कि उसने तुम्हारे परिश्रम का उचित फल दिया हैं।

मेरे दोस्त, अपनी इस शानदार सफलता पर मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करो। मैं उस परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि जीवन में सफलता इसी प्रकार तुम्हारे चरण चूमती रहे तथा तुम जीवन में उन्नति के पथ पर अग्रसर रहो।

मुझे पूरी आशा हैं कि इसके पश्चात् होने वाली कॉलेज की आगामी परीक्षाओं में भी तुम इसी प्रकार उच्च सफलता प्राप्त करोगे तथा जिनका परिणाम इससे भी शानदार रहेगा। मेरी शुभकामनाएँ सदैव तुम्हारे साथ हैं।

शुभकानाओं सहित।
तुम्हारा अभिन्न हृदय,
मोहन राकेश

(58) अपने मित्र को उसके जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर बधाई देते हुए पत्र लिखिए।

15, राजनगर,
गाजियाबाद।

दिनांक 16 अप्रैल, 20XX

प्रिय मित्र सिद्धार्थ,
सप्रेम नमस्ते !

20 अप्रैल को तुम्हारा 17वाँ जन्म दिवस हैं। तुम्हारे जन्म-दिन के इस मौके पर मैं अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भेज रहा हूँ। मैं परमपिता परमेश्वर से तुम्हारी दीर्घायु की कामना करता हूँ। तुम जीवन-पथ पर समस्त सफलताओं के साथ अग्रसर रहो और यह दिन तुम्हारे जीवन में ढेरों खुशियाँ लाए।

इन्हीं कामनाओं के साथ,
तुम्हारा परम मित्र,
जीवन

(59) अपने छोटे भाई को कुसंगति से बचने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए।

19, बीसवाँ मील,
सोनीपत,
हरियाणा।

दिनांक 21 मार्च, 20XX

प्रिय भाई भूपेन्द्र
खुश रहो !

कल तुम्हारा पत्र मिला। मुझे यह पढ़कर अत्यन्त हर्ष हुआ कि तुम परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हो। परिवार के सभी लोग चाहते हैं कि तुम परिश्रम से पढ़ो और अच्छे अंक प्राप्त करो।

बन्धु, मैं भली-भाँति जानता हूँ कि तुम कर्त्तव्यनिष्ठ हो। फिर भी मैं तुम्हारा ध्यान कुसंगति के कुप्रभाव की ओर आकृष्ट कर रहा हूँ। कुसंगति एक संक्रामक रोग की भाँति हैं। जब यह रोग किसी को लग जाता हैं, तो वह बड़ी कठिनाई से ही उससे मुक्त हो पाता हैं। एक बड़े विद्वान ने कुसंगति की उपमा विषम ज्वर से दी हैं। जिस प्रकार विषम ज्वर शीघ्र छूटता नहीं, उसी प्रकार कुसंगति का प्रभाव भी शीघ्र समाप्त नहीं हो पाता। बड़े-बड़े मनीषी तक कुसंगति में पड़ कर अपने जीवन को बर्बाद कर देते हैं। अतः इससे बचने का प्रयास करना चाहिए।

प्रिय अनुज, मुझे तुम पर पूरा भरोसा हैं। तुम सदैव कुसंगति से बचने का प्रयास करते रहोगे। सद् इच्छा के लिए तुम्हारी दृढ़ता और बुराइयों से बचने के लिए तुम्हारा साहस ही तुम्हें सफल बनाएगा।

पत्रोत्तर की प्रतीक्षा में।

तुम्हारा बड़ा भाई,
नरेन्द्र

(60) भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई.ए.एस.) परीक्षा 20XX की मुख्य परीक्षा में असफल होने पर अपने दुखी मित्र को अभिप्रेरणा देने सम्बन्धी पत्र लिखिए।

16, आदर्शनगर,
दिल्ली।

दिनांक 21 अगस्त, 20XX

प्रिय मित्र मणिशंकर,
नमस्कार!

मुझे यह जानकर अत्यन्त दुःख हुआ कि तुम आई.ए.एस. (मुख्य) परीक्षा में असफल हो गए। किन्तु जब मैंने तुम्हारे दोस्तों से सुना कि तुम इस असफलता के कारण अत्यन्त शोक मग्न हो, तुमने खाना-पीना तक छोड़ दिया हैं, तब मन को और अधिक ठेस पहुँची।

मित्र, इस तरह असफल हो जाने से खाना-पीना छोड़ देना कहाँ की बुद्धिमत्ता हैं। अन्न-जल ग्रहण न करने से तुम्हारा स्वास्थ्य ही बिगड़ेगा। दोस्त, इस तरह हार मानना अच्छी बात नहीं हैं। मनुष्य तो वह हैं, जो असफल होने पर भी साहस नहीं छोड़ता, बल्कि सफल होने के लिए दोगुना परिश्रम करता हैं।

मित्र, यह जीवन एक कर्मक्षेत्र हैं, जहाँ पग-पग पर मनुष्य के धैर्य और साहस की परीक्षा होती रहती हैं। असफलताएँ वास्तव में, हमारी परीक्षाएँ होती हैं। क्या तुम नहीं जानते सफलता की सीढ़ी कहीं न कहीं असफलता की नींव से होकर गुजरती हैं।

ऐसा नहीं हैं कि हर आदमी को पलक झपकते ही सफलता नसीब हो जाती हैं सफलता की गाथा कहीं न कहीं असफलता के बाद ही लिखी जाती हैं।

मेरे मित्र, यह समय शोक करने का नहीं, बल्कि और अधिक मेहनत करने का हैं। अभी भी तुम्हारे पास सिविल सेवा परीक्षा के दो प्रयास और शेष हैं। मुझे उम्मीद हैं कि तुम अगले वर्ष साक्षात्कार को पार करते हुए सर्वश्रेष्ठ दस सफल प्रतिभागियों में अपना नाम दर्ज करवाओगे।

भावी सफलताओं की शुभकामनाओं।

तुम्हारा हितैषी,
अमन

(61) आपकी खोई हुई वस्तु लौटाए जाने हेतु उस व्यक्ति को धन्यवाद करते हुए पत्र लिखिए।

15, संजय एन्क्लेव,
जहाँगीरपुरी,
दिल्ली।

दिनांक 21 मई, 20XX

आदरणीय विनोद जी,
सादर नमस्कार।

आपको पत्र लिखकर मैं स्वयं को धन्य मान रहा हूँ। आप जैसे ईमानदार व्यक्ति आज के युग में बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। आपने मेरी खोई हुई अटैची लौटाकर मुझ पर बहुत बड़ा उपकार किया हैं। जब से मेरी अटैची गुम हुई थी, मेरी दिनचर्या ही अस्त-व्यस्त हो गयी थी। मानसिक तनाव अत्यधिक बढ़ गया था; क्योंकि उसमें कार्यालय के पचास हजार रुपये के साथ-साथ कुछ महत्त्वपूर्ण फाइलें भी थीं।

रेलवे स्टेशन पर खोई इस अटैची के वापस मिलने की मैं उम्मीद ही खो चुका था। किन्तु उस रोज जब मैं रुपयों का प्रबन्ध करने घर से निकलने ही वाला था कि वह अटैची हाथ में लिए आपका छोटा भाई मेरे पास आया। मुझे लगा मानो यह कोई स्वप्न हो और अटैची हाथ में लिए कोई देवदूत आया हो। अपने सामान के मिल जाने पर जो ख़ुशी मुझे हुई उसे शब्दों में बयाँ करना असम्भव हैं। वास्तव में, आप जैसे लोगों के बल पर ही इस दुनिया में ईमानदारी शेष हैं।

मैंने अटैची देख ली हैं। सभी चीजें यथावत हैं। मैं आप जैसे ईमानदार व्यक्ति का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूँ। आपकी ईमानदारी ने मेरे बुझे मन में एक नवीन उत्साह का संचार किया हैं। आपका आभार व्यक्त करने के लिए मुझे शब्द नहीं मिल पा रहे हैं। हृदय से मैं आपकी मंगल कामना करता हूँ।

धन्यवाद।

भवदीय
के.के.वर्मा

(62) अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए, जिसमें कम्प्यूटर शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए प्रार्थना की गई हो।

642, मुखर्जी नगर,
दिल्ली।

दिनांक 21 जुलाई, 20XX

सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य,
रा.उ.मा. बाल विद्यालय,
गणेशपुर,
रुड़की।

विषय- कम्प्यूटर शिक्षा की व्यवस्था हेतु प्रार्थना-पत्र।

महोदय,
सविनय निवेदन हैं कि हम दसवीं कक्षा के छात्र यह अनुभव करते हैं कि आज के कम्प्यूटर युग में प्रत्येक व्यक्ति को कम्प्यूटर की जानकारी होनी चाहिए। हम देख भी रहे हैं कि दिनोंदिन कम्प्यूटर शिक्षा की माँग बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए भी कम्प्यूटर का ज्ञान होना अपरिहार्य हैं।

अतः आपसे प्रार्थना हैं कि कृपा करके हमारे विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षा आरम्भ करें। हम आपके प्रति कृतज्ञ होंगे। आशा हैं, आप हमारे अनुरोध को स्वीकार करेंगे।

धन्यवाद।

प्रार्थी
क.ख.ग.
कक्षा- दसवीं ‘अ’

(63) बस स्टैण्ड के पास आवारा लड़कों के व्यवहार को बताते हुए तथा उनके खिलाफ छेड़खानी के विरुद्ध एफ. आई. आर. दर्ज करवाने के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।

108, भवानी जंक्शन,
कोलकाता।

दिनांक 28 जून, 20XX

सेवा में,
श्रीमान थानाध्यक्ष महोदय,
भवानी जंक्शन,
कोलकाता।

विषय- छेड़खानी के विरुद्ध एफ. आई. आर. दर्ज करवाने के सम्बन्ध में।

महोदय,
सविनय निवेदन यह हैं कि मैं भवानी जंक्शन में रहने वाली एक कॉंलेज छात्रा हूँ। जब भी मैं घर से कॉलेज के लिए निकलती हूँ, अक्सर बस स्टैण्ड के पास कुछ आवारा किस्म के लड़के मुझ पर कमेंट करते हैं। एक-दो बार मैंने उन्हें ऐसा न करने को कहा, किन्तु उन पर कोई असर नहीं हुआ।

मैंने इस बारे में अपने माता-पिता से बात की, तो उन्होंने इसकी लिखित शिकायत थाने में करने की सलाह दी। मैं आपसे निवेदन करती हूँ कि आप उन लड़कों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाकर, मुझे हो रही मानसिक समस्या से निजात दिलाएँ।

आशा हैं, आप मेरी समस्या पर त्वरित कार्यवाही करेंगे।
धन्यवाद।

प्रार्थी
हस्ताक्षर……
निशा

(64) घर में चोरी हो जाने की एफ.आई.आर. दर्ज करवाने सम्बन्धी आवेदन-पत्र लिखिए।

42/1, शालीमार बाग,
दिल्ली।

दिनांक 17 जून, 20XX

सेवा में
श्रीमान थानाध्यक्ष महोदय,
शालीमार बाग,
दिल्ली।

विषय- घर में हुई चोरी की रिपोर्ट लिखवाने हेतु।

महोदय,
कल रात मेर घर में चोरी हो गई। चोर मेरे मकान का ताला तोड़कर घर में रखा हजारों रुपये का सामान उठा ले गए। जिस समय यह वारदात हुई, मैं अपने परिवार के साथ एक शादी-समारोह में शामिल होने गया था। देर रात को जब हम सभी घर वापस लौटे, तो देखा मकान का ताला टूटा हुआ था। हम दौड़कर घर में गए तब वहाँ देखा कि सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। आलमारी का ताला टूटा हुआ था, आलमारी में रखी माँ की सोने की अँगूठी गायब थी। घर में रखा टेलीविजन और बाहर खड़ी मेरी साइकिल भी चोर उठा ले गए हैं।

चोरी की इस वारदात से हमें हजारों रुपयों का नुकसान हुआ है। मेरा पूरा परिवार सदमे में हैं। आपसे निवेदन है कि आप मेरी चोरी की इस रिपोर्ट को दर्ज कर जल्द से जल्द चोरों को पकड़ हमें हमारा चोरी हो गया सामान वापस दिलवाएँ।

धन्यवाद।

प्रार्थी
हस्ताक्षर ……
रमेश चौहान

(65) टेलीफोन विभाग के प्रबन्धक को मोबाइल फोन का सिम नष्ट हो जाने पर पुनः उसी नम्बर का सिम प्रदान करने के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।

454, अधोईवाला,
देहरादून (उत्तराखण्ड)।

दिनांक 26 फरवरी, 20XX

सेवा में,
श्रीमान प्रबन्धक,
वोडाफोन,
अधोईवाला,
देहरादून (उत्तराखण्ड)।

विषय- मोबाइल सिम नष्ट हो जाने पर पुनः उसी नम्बर का सिम प्रदान करने हेतु।

महोदय,
मैं कल अपने मोबाइल फोन नम्बर 9567863XXX से किसी मित्र से बात कर रहा था कि अचानक असुविधावश मोबाइल फोन मेरे हाथ से छूटा और पास ही रखी पानी की बाल्टी में जा गिरा।

मैंने तुरन्त हाथ डालकर मोबाइल फोन बाल्टी से बाहर निकाला, किन्तु तब तक वह पानी से पूरी तरह भीग चुका था। मैंने मोबाइल की बैटरी निकालकर उसे धूप में सूखने के लिए रख दिया। थोड़ी देर बाद जब मोबाइल फोन में बैटरी लगाकर उसे पुनः चालू करने की कोशिश की, तब वह नहीं चला। शायद मोबाइल खराब हो चुका था।

यह जानने के लिए की, किन्तु कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। मोबाइल में नेटवर्क सिग्नल नहीं दिखाई दे रहे थे। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे पानी में गिरने के कारण सिम भी नष्ट हो गया है।

अतः आपसे निवेदन है कि आप मुझे उक्त नम्बर का सिम पुनः आवन्टित करें। ताकि मुझे इस नम्बर की वजह से किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

सधन्यवाद।

प्रार्थी
हस्ताक्षर……
जगन्नाथ

(66) अपनी मोबाइल नेटवर्क कम्पनी को नेटवर्क सम्बन्धी समस्याओं से अवगत करवाते हुए मोबाइल नम्बर पोर्टेबिलिटी के तहत मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाता कम्पनी बदलने के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।

254, आर.के. पुरम
नई दिल्ली।

दिनांक 26 मई, 20XX

सेवा में,
एरिया प्रबन्धक,
….. (मोबाइल कम्पनी का नाम)
नई दिल्ली।

विषय- नेटवर्क सेवा प्रदाता कम्पनी बदलने हेतु।

महोदय,
मैं…… मोबाइल नेटवर्क प्रदाता कम्पनी का पिछले दो वर्ष से ग्राहक हूँ। मैंने जब से यह कम्पनी चुनी है, तब से मुझे नेटवर्क सम्बन्धी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कभी स्पष्ट आवाज की समस्या, तो कभी बात करते-करते नेटवर्क का गायब हो जाना। सन्देश भी त्वरित गति से नहीं पहुँच पाते।

मैं इस कम्पनी को बहुत पहले ही बदल देना चाहता था, किन्तु मेरा मोबाइल नम्बर इतने ज्यादा लोगों के पास है, कि इस नम्बर को बदल पाना मेरे लिए नामुमकिन है।

किन्तु जब से मैंने मोबाइल नम्बर पोर्टेबिलिटी यानि बिना नम्बर बदले अपनी मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाता कम्पनी को बदलने की स्कीम के बारे में सुना है, तभी से मेरा मन अपनी वर्तमान मोबाइल कम्पनी को बदलने को हो रहा है। परन्तु इसे बदलकर किस कम्पनी को ग्रहण करूँ, इसी सोच में था कि मेरे दोस्तों एवं परिचितों ने आपकी कम्पनी को चुनने की सलाह दी।

मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि कृपया मुझे बताएँ कि मुझे बिना नम्बर बदले, आपकी मोबाइल कम्पनी की सेवा लेने के लिए क्या-क्या औपचारिकताएँ पूरी करनी होंगी।

आशा है, आप मुझे शीघ्र ही इस सम्बन्ध में जानकारी प्रेषित कर, मेरी समस्याओं का निदान करेंगे।

सधन्यवाद।

प्रार्थी
हस्ताक्षर……
(कृष्ण कुमार)

(67) आपके मोहल्ले में सफाई की व्यवस्था न होने के कारण स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए, जिसमें सफाई का उचित प्रबन्ध करने की प्रार्थना की गई हो।

421, विवेक विहार,
गाजियाबाद।

विषय- मोहल्ले में सफाई के लिए प्रार्थना-पत्र।

महोदय,
मैं आपका ध्यान विवेक विहार स्थित एच ब्लॉक की शोचनीय अवस्था की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। इस ब्लॉक में सफाई की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थिति अत्यन्त चिन्ताजनक हो गई है। लम्बे समय से यहाँ नगर का कोई भी कर्मचारी सफाई हेतु नहीं आया है। स्थान-स्थान पर कचरे के ढेर लगे हैं, जिनमें सड़न होने से चारों ओर बदबू फैल रही है। नालियाँ भी भरी पड़ी हैं। गन्दा पानी सड़कों पर भी बिखरा हुआ है। कचरे पर भिनभिनाती मक्खियाँ और मच्छर गम्भीर बीमारी को आमन्त्रण दे रहे हैं।

अतः आपसे निवेदन निवेदन है कि जल्द-से-जल्द यहाँ का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का उचित प्रबन्ध करें। आशा है, आप इस ओर त्वरित कार्यवाही कर, लोगों को होने वाली परेशानी से छुटकारा दिलाएँगे।

धन्यवाद।

भवदीय
हस्ताक्षर……
(दीपक कुमार)

(68) अपने क्षेत्र में डाक-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अपने क्षेत्र के डाकपाल को प्रार्थना-पत्र लिखिए।

141, साकेत निवासी संघ,
मेरठ।

दिनांक 16 मई, 20XX

सेवा में,
डाकपाल महोदय,
मुख्य डाकघर,
मेरठ कैन्ट,
मेरठ।

विषय- इलाके में डाक व्यवस्था दुरुस्त करने हेतु।

महोदय,
मैं आपका ध्यान साकेत निवासी संघ, मेरठ की ओर केन्द्रित कराना चाहता हूँ, हमारे क्षेत्र का डाकिया अपने कार्य के प्रति अत्यन्त लापरवाही दिखा रहा है। वह हमारे पत्र घर के बाहर फ़ेंक कर चला जाता है, या फिर छोटे बच्चों को पकड़ा देता है। इससे पत्रों के खोने का डर हमेशा बना रहता है। यद्यपि इलाके के अधिकांश घरों के द्वार पर ‘पत्र-पेटिका’ लगी हुई है, परन्तु वह उनमें पत्र नहीं डालता। हमने डाकिये से कई बार हाथ जोड़कर निवेदन भी किया है कि वह पत्रों को सही जगह पर डाले, पर जैसे वह हमारी बात एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल देता है।

अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि आप उसे चेतावनी देते हुए कार्य के प्रति पूरी ईमानदारी बरतने को कहें।

आपकी इस कृपा के लिए हम सदैव आभारी रहेंगे।

भवदीय
हस्ताक्षर……
सचिव
किशोर
साकेत निवासी संघ

(69) आयकर अधिकारी को पत्र लिखिए, जिसमें आयकर से माफी एवं पूर्ण मुक्ति के लिए प्रार्थना की गयी हो।

61, रामबाग,
लखनऊ।

दिनांक 30 मार्च, 20XX

सेवा में,
आयकर अधिकारी,
लखनऊ।

विषय- आयकर से पूर्ण मुक्ति हेतु।

महोदय,
मुझे दिनांक 29 मार्च, 20XX को आपकी ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें वर्ष 20XX-XX के लिए 5,005 आयकर अदा करने को कहा गया है।

उक्त अवधि से मेरी आय आयकर सीमा से निम्न है, लगता है किसी त्रुटिवश मेरी आय पर आयकर का निर्धारण कर दिया गया है।
आपसे प्रार्थना है कि मेरे खातों की जाँच कर मुझे आयकर से पूर्ण मुक्ति हेतु निर्देश जारी करें।

धन्यवाद।

भवदीय
हस्ताक्षर ……
जितेन्द्र गोयल

(70) भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान से अवगत कराते हुए मुख्यमन्त्री को सहायतार्थ प्रार्थना-पत्र लिखिए।

16/1, रामनगर, नैनीताल
उत्तराखण्ड।

दिनांक 20 अगस्त, 20XX

सेवा में,
माननीय मुख्यमन्त्री महोदय,
उत्तराखण्ड सरकार,
देहरादून।

विषय- मुख्यमन्त्री से तात्कालिक सहायता हेतु।

मान्यवर,
सविनय निवेदन यह है कि मैं रामनगर, नैनीताल क्षेत्र का निवासी हूँ। दुर्भाग्य से इस वर्ष हमारे क्षेत्र में भारी वर्षा हुई, जिसके कारण हमारे खेतों में महीनों पानी जमा रहा। जल का समुचित निकास न होने के कारण वर्षा के इस पानी ने हमारी सारी फसल चौपट कर दी। पशुओं के लिए बोया गया चारा भी गलकर नष्ट हो गया। परिणामस्वरूप मनुष्यों और पशुओं दोनों के लिए अनाज का संकट आन पड़ा है। स्थान-स्थान पर पानी जमा रहने के कारण अनेक बीमारियाँ भी फैल गई हैं। लोग अपने-अपने घरों को छोड़ने के लिए बाध्य हो रहे हैं। स्थिति दयनीय और चिन्ताजनक है।

आपसे अनुरोध है कि शीघ्र ही इस क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए उनकी सहायता के लिए जिलाधिकारी को आदेश दें।

आशा है आप शीघ्र ही इस ओर ध्यान देंगे और उचित तात्कालिक सहायता देकर यहाँ के निवासियों को संकट की इस स्थिति से बचाएँगे।

धन्यवाद।

भवदीय
हस्ताक्षर…..
किशोर कुमार

(71) देश में बढ़ रही कन्या-भ्रूण हत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए किसी प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।

142, पटेल नगर,
नई दिल्ली।

दिनांक 15 मार्च, 20XX

सेवा में,
सम्पादक महोदय,
नवभारत टाइम्स,
नई दिल्ली।

विषय- कन्या-भ्रूण हत्या की बढ़ती प्रवृत्ति के सन्दर्भ में।

महोदय,
आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से मैं देश में बढ़ रही कन्या-भ्रूण हत्या की प्रवृत्ति की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहती हूँ। अनेक लोग गर्भ में ही लिंग परीक्षण करवाकर कन्या-भ्रूण होने की स्थिति में इसे मार डालते हैं, गर्भ में ही कन्या-भ्रूण की हत्या कर दी जाती है। ऐसा करने वाले केवल गरीब या निर्धन एवं अशिक्षित लोग ही नहीं होते, बल्कि समाज का पढ़ा लिखा एवं धनी तबका भी इसमें बराबरी की हिस्सेदारी करता है।

समाज का यह दृष्टिकोण अत्यन्त रूढ़िवादी एवं पिछड़ा है, जिसे किसी भी स्थिति में बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। समाज के बौद्धिक एवं तार्किक लोगों का कर्त्तव्य है कि वे सरकार एवं प्रशासन के साथ मिलकर कन्या-भ्रूण हत्या को अन्जाम देने वाले या उसका समर्थन करने वाले लोगों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें, जिससे समाज का सन्तुलन एवं समग्र विकास सम्भव हो सके।

धन्यवाद।

भवदीया
ऋतिका

(72) चुनाव के दिनों में दीवारों पर नारे लिखने व पोस्टर चिपकाने से गन्दी हुई दीवारों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए किसी समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।

435, सुभाष नगर,
दिल्ली।

दिनांक 18 मार्च, 20XX

सेवा में,
सम्पादक महोदय,
दैनिक भास्कर,
नई दिल्ली।

विषय- शहर की दीवारें गन्दी होने के सन्दर्भ में।

महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से आपका ध्यान चुनावी नारों एवं पोस्टर से होने वाली गन्दगी की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ। इस समय चुनाव का माहौल होने के कारण राजनीतिक दलों के कार्यकर्त्ता दीवारों पर जगह-जगह पोस्टर चिपका देते हैं व नारे लिख देते हैं जिसके कारण पता आदि ढूँढने में काफी परेशानी होती है। चुनाव के बाद भी कोई राजनीतिक दल या सरकारी संस्था इसकी खोज-खबर नहीं लेती है। इस बारे में चुनाव आयोग को आगे आकर इस सन्दर्भ में कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए। जिस राजनीतिक दल का पोस्टर दीवारों या दरवाजे पर लगा हो उससे हर्जाना लिया जाना चाहिए।

धन्यवाद।

भवदीया
नेहा

(73) दिल्ली में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों का उल्लेख करते हुए किसी दैनिक समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।

261, गाँधी नगर,
दिल्ली।

दिनांक 21 मार्च, 20XX

सेवा में,
सम्पादक महोदय,
दैनिक भास्कर,
दिल्ली।

विषय- महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों के सम्बन्ध में।

महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से दिल्ली-प्रशासन का ध्यान महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ। आजकल दिल्ली अपराधों का केन्द्र बनती जा रही है। यहाँ अब महिलाएँ स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करती। दिन-प्रतिदिन यहाँ अपराधों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। छेड़खानी की घटनाएँ तो आम बात हो गई है।

महिलाओं के प्रति अपराधों के बढ़ने का कारण यह है कि सामाजिक सुरक्षा तथा न्याय व्यवस्था के विषय में अपराधियों को पता होता है कि वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। कत्ल, हत्या, छेड़छाड़ कुछ भी हो, कोई भी गवाही देने को तैयार नहीं होता, लोग कोर्ट-कचहरी से डरते हैं। ऐसे डरपोक समाज का फायदा उठाते हुए कुप्रवत्ति वाले लोग आसानी से गलत काम करने से बाज नहीं आते हैं।

अतः प्रशासन को ऐसी हरकत करने वालों पर निगरानी रखनी चाहिए और इन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त-से-सख्त कदम उठाने चाहिए।

धन्यवाद।

भवदीया
कंचन

(74) ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को सफल बनाने की अपील करते हुए किसी प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।

425, मुखर्जी नगर,
नई दिल्ली।

दिनांक 5 मई, 20XX

सेवा में,
सम्पादक महोदय,
नवभारत टाइम्स,
नई दिल्ली।

विषय- ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को सफल बनाने हेतु।

महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से सभी लोगों का ध्यान ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ। गाँधी जी की 145 वीं जयन्ती के अवसर पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने इस अभियान के आरम्भ करने की घोषणा की थी। इस स्वच्छ्ता अभियान में हम सभी भारतीयों का कर्त्तव्य है कि हम इस अभियान को सफल बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ वैयक्तिक एवं सामाजिक दोनों स्तर पर अत्यधिक लाभप्रद होगा।

अतः मेरी सभा से अपील है कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वयं को, अपने घर को, अपने पड़ोस को, अपने मोहल्ले को, अपने जिले को, अपने राज्य को और अपने देश को स्वच्छ रखने में सहयोग दें।

धन्यवाद।

भवदीया
ऋतिका

(75) पर्यावरण में हो रही क्षति के सन्दर्भ में अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का निवेदन करते हुए किसी प्रतिष्ठित दैनिक पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।

424, शालीमार बाग,
दिल्ली।

दिनांक 16 मार्च, 20XX

सेवा में,
सम्पादक महोदय,
नवभारत टाइम्स,
दिल्ली।

विषय- अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के सम्बन्ध में।

महोदय,
इस पत्र के माध्यम से मैं प्रशासन, सरकार व आम जनता का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहती हूँ कि वृक्षों की अन्धाधुन्ध कटाई व कारखानों से निकलने वाले धुएँ के कारण पर्यावरण को अत्यधिक क्षति हो रही है। यद्यपि वन महोत्सव के अवसर पर वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आरम्भ किया जाता है तथा अनेक वृक्ष भी लगाए जाते हैं, परन्तु उनकी देखभाल नहीं की जाती जिसके कारण पर्यावरण में प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है।

मेरा सभी से निवेदन है कि हम सभी को मिलकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने होंगे जिससे हम पर्यावरण को सुरक्षित कर पाएँगे।

धन्यवाद।

भवदीय
राहुल

(76) भूकम्प पीड़ितों के लिए हर सम्भव मदद के प्रयास करने की अपील करते हुए किसी प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।

32, राजेन्द्र नगर,
नई दिल्ली।

दिनांक 9 जनवरी, 20XX

सेवा में,
सम्पादक महोदय,
नवभारत टाइम्स,
नई दिल्ली।

विषय- भूकम्प पीड़ितोंकी हर सम्भव मदद हेतु।

महोदय,
इस पत्र के माध्यम से मैं सभी का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहती हूँ कि हाल ही में उत्तर भारत के मणिपुर राज्य में आए भूकम्प ने मणिपुर के कई इलाकों को तहस-नहस कर दिया। इस विनाशकारी भूकम्प में कई लोगों की जान चली गई तथा कई लोग घायल हो गए। इस भूकम्प के कारण लगभग 200 घर व इमारतें भी ध्वस्त हो गई।

इस आपदा ने जाहिर कर दिया कि कोई भी देश अथवा मनुष्य तकनीकी रूप से कितना ही विकसित हो जाए, किन्तु प्रकृति के सामने उसे विवश होना ही पड़ता है। कोई भी देश भूकम्प आदि प्राकृतिक आपदाओं को रोक पाने की तकनीक नहीं विकसित कर पाया है।

प्रकृति अपना ऐसा विकराल रूप किसी भी देश को दिखा सकती है। अतः इस मुश्किल घड़ी में सभी राज्यों को हर सम्भव मदद करने का प्रयास करना चाहिए।

धन्यवाद।

भवदीया
प्रीति

(77) बुक कराए गए पार्सल की बुकिंग निरस्त कराने की सूचना देते हुए पत्र लिखिए।

सरस्वती हाउस प्रा. लि.
नई दिल्ली।

दिनांक 10 अप्रैल, 20XX

सेवा में,
मुख्य पार्सल लिपिक,
उत्तरी रेलवे,
नई दिल्ली।

विषय- पार्सल की बुकिंग निरस्त कराने हेतु।

महोदय,
अपने पार्सल की बुकिंग निरस्त कराने के सम्बन्ध में सूचना देने के लिए हम आपको यह पत्र लिख रहे हैं। हमने अपने ग्राहक को पुस्तकें भेजने हेतु आपके यहाँ आज ही R/R संख्या 32241/69 से एक पार्सल बुक कराया है। अभी-अभी हमारे ग्राहक ने सूचना दी है कि उक्त ऑर्डर को निरस्त करते हुए माल न भेजा जाए। पत्र के साथ R/R की मूल प्रति संलग्न है।

जैसा कि माल भाड़ा अदा कर दिया है, तो आपसे प्रार्थना है कि माल भाड़े में से उपयुक्त निरस्तीकरण अधिभार की कटौती कर बाकी रकम वापस कर दी जाए।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर…….
(नीरज बंसल)
सरस्वती हाउस प्रा. लि.

(78) ग्राहकों को नकद खरीद पर छूट देने की सूचना देते हुए पत्र लिखिए।

जे. जे. एक्सपोर्ट्स,
9, इन्डस्ट्रियल एरिया,
कानपुर।

दिनांक 27 मई. 20XX

सेवा में,
सूरत क्लॉथ हाउस,
कमला नगर,
भोपाल।

विषय- नकद खरीद पर छूट देने के सन्दर्भ में।

महोदय,
आप हमारे उन प्रमुख ग्राहकों में से हैं, जो देय राशियों का समय पर शीघ्रता से भुगतान कर देते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम आपको दो सप्ताह के अन्दर भुगतान किए जाने पर 2% की विशेष छूट प्रदान करना चाहते हैं। आपको सूचित कर दें कि आपका अप्रैल माह का भुगतान अभी तक नहीं हुआ। आप चाहें तो शीघ्र भुगतान कर इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।

आशा है आपको हमारा यह प्रस्ताव पसन्द आएगा और आप इसका अवश्य ही लाभ उठाएँगे।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर ….
(अजीत निगम)
जे. जे. एक्सपोर्ट्स

(79) व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने के कारण बैंक की नवीन शाखा के शुभारम्भ की सूचना ग्राहकों को देते हुए पत्र लिखिए।

पंजाब नेशनल बैंक,
मुखर्जी नगर,
दिल्ली।

दिनांक 21, अप्रैल, 20XX

विषय- बैंक की नवीन शाखा खुलने के सन्दर्भ में।

प्रिय ग्राहकों,
आपके शहर में व्यापारिक गतिविधियों में होने वाली लगातार वृद्धि के कारण हमारी निरंकारी कालोनी शाखा में कार्य का भार इतना हो गया था कि ग्राहकों को अपने खातों में लेन-देन करने तथा बैंक सम्बन्धित अन्य कार्यों के संचालन हेतु लम्बी लाइनों में खड़े रहकर घण्टों इन्तजार करना पड़ता था। इससे ग्राहकों का बहुमूल्य समय नष्ट हो जाता था। इस समस्या के समाधान के लिए हम लम्बे समय से प्रयासरत थे, जिसका फल अब मिला है। हम अपनी एक नवीन शाखा का शुभारम्भ 25 अप्रैल से मुखर्जी नगर में HDFC बैंक के नजदीक करने जा रहे हैं। हमारी यह शाखा पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत तथा ए टी एम एवं लॉकर सुविधा से युक्त है।

कृपया हमारी इस शाखा द्वारा प्रदत्त सुविधाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाएँ। हम सदैव आपकी सेवा में तत्पर हैं।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर ……
क्षेत्रीय प्रबन्धक

(80) चेक खो जाने के कारण बैंक को चेक का भुगतान न करने की सूचना देते हुए पत्र लिखिए।

24, नेहरू विहार,
दिल्ली।

दिनांक 20 मई, 20XX

सेवा में,
प्रबन्धक महोदय,
बैंक ऑफ महाराष्ट्र,
मुखर्जी नगर,
दिल्ली।

विषय- बैंक को चेक का भुगतान न करने हेतु।

महोदय,
मैंने 8 हजार का एक चेक संख्या 46451 श्री उमेश शर्मा को दिनांक 22 मई, 20XX का दिया है। मुझे आज ही उन्होंने सूचित किया है कि उक्त चेक उनसे खो गया है। अतः आपसे निवेदन है कि उस चेक का भुगतान किसी को भी, किसी भी दशा में न किया जाए। यदि भुगतान किया गया, तो मैं उत्तरदायी नहीं होऊँगा।

जवाब की अपेक्षा में।

धन्यवाद।

भवदीय,
रामसुमेर
खाता संख्या : 254645876451


(81) उद्योग कम्पनी के निर्यातकर्ता द्वारा ग्राहक को माल पहुँचाने की सूचना देते हुए पत्र लिखिए।

बैनारा उद्योग लि.
आगरा।

दिनांक 15 मई, 20XX

सेवा में,
मैं. स्टुअर्ट एन्ड सन्स,
लन्दन।

विषय- ग्राहक को माल पहुँचाने की सूचना हेतु।

महोदय,
आपको सूचित करते हुए हमें हर्ष हो रहा है कि हमने आपकी आकस्मिकता को पूरा करते हुए आपकी माँग के अनुसार एस.एस. सागर द्वारा बॉल बेयरिंग आपके पते पर भेज दी हैं। यह माल लकड़ी की 15 पेटियों में पैक किया गया है।

आपके माल की बीमा हमारे शिपिंग एजेण्ट मै. मैकमोहन एण्ड ब्रदर्स, कोलाबा, मुम्बई द्वारा कराया गया है।

इस पत्र के साथ हम 1500 पौण्ड का बिल संलग्न कर रहे हैं, जिसका भुगतान 90 दिनों के भीतर लिया जाएगा।

आशा है, आपका माल समय पर एवं सुरक्षित पहुँच जाएगा।
आगामी ऑर्डर की अपेक्षा के साथ।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर…..
(अजय जैन)
बैनारा उद्योग लि.

(82) सामान का भुगतान न किए जाने के कारण क़ानूनी कार्यवाही करने की सूचना देते हुए पत्र लिखिए।

टाटा ऑटोमोटिव लिमिटेड,
पैडर रोड,
मुम्बई।

दिनांक 10 मई, 20XX

सेवा में,
मै. शंकर ऑटोमोबाइल्स,
प्रतापगढ़ (उ. प्र.)।

विषय- क़ानूनी कार्यवाही हेतु।

महोदय,
हमें खेद के साथ लिखना पड़ रहा है कि आपने हमारे 35, 000 के भुगतान के सम्बन्ध में हमारे पूर्व पत्रों का अभी तक जवाब नहीं दिया है। पूर्व में आपके द्वारा किए गए भुगतान समय पर हो जाया करते थे। यदि कोई भुगतान आपकी तरफ से कभी रुका भी, तो हमने इस मामले में आपको सदैव ही सहयोग दिया है और भुगतान के सम्बन्ध में कभी-भी दबाव नहीं डाला है। परन्तु आपने उक्त भुगतान के सम्बन्ध में हमारे किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया है।

सम्भव है कि आपके द्वारा भुगतान न किए जाने के पीछे कुछ विशेष कारण हो, अतः अभी भी सम्भव है कि हम बातचीत कर इस मामले को सुलझा लें। परन्तु इस सम्बन्ध में आपको हमें पत्र लिखना होगा।

यदि इस पत्र के एक हफ़्ते के भीतर आपकी ओर से कोई जवाब नहीं आता है, तब हमें मजबूरन आपके खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही करनी पड़ सकती है। परन्तु इससे पूर्व हमारा आपसे अनुरोध है कि आप हमें बताएँ कि इस भुगतान के सम्बन्ध में आप क्या कहना चाहते हैं।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर ……
(एस. के. खुराना)
महाप्रबन्धक
टाटा ऑटोमोटिव लि.

(83) इन्श्योरेन्स कम्पनी की ओर से बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण की सूचना कम्पनी को देते हुए पत्र लिखिए।

ओरियण्टल इन्श्योरेन्स कम्पनी,
नई दिल्ली।

दिनांक 9 अप्रैल, 20XX

सेवा में,
मै. अय्यर एण्ड कम्पनी,
28 बी, इण्डस्ट्रियल एरिया,
ओखला, फेज-।।
नई दिल्ली।

विषय- बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण करवाने हेतु।

महोदय,
हम आपको सूचना देना चाहते हैं कि आपकी बीमा पॉलिसी जिसकी सं. 27236 है, की अवधि 30 अप्रैल, 20XX को समाप्त हो रही है।यदि आप इस पॉलिसी को वर्ष 20XX-20XX के लिए चालू रखना चाहते हैं, तो कृपया 3,954 का चेक भेजें।

आपने पिछले 5 वर्षों में कोई क्षतिपूर्ति नहीं ली है, इस सन्दर्भ में हम आपको बता दें कि यदि आप अपना चेक 30 अप्रैल से पूर्व भेज देते हैं, तो आपको प्रीमियम राशि में 550 की छूट प्रदान की जाएगी। देय तिथि के बाद किए गए भुगतान पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।

यदि पॉलिसी समाप्त होने की तिथि के 60 दिन के भीतर नवीनीकरण नहीं कराया जाता, तो उक्त पॉलिसी समाप्त हो जाएगी।

आपके जवाब की प्रतीक्षा में एवं सदैव आपकी सेवा में तत्पर।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर …..
(एम. डी. गोयल)
प्रबन्धक
(ओ. आई. सी.)

(84) बैंक द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं और सेवाओं की पूछताछ करने हेतु पत्र लिखिए।

राम एण्ड सन्स,
हजरतंगज,
लखनऊ।

दिनांक 28 मई, 20XX

सेवा में,
प्रबन्धक महोदय,
देना बैंक,
स्टेशन रोड,
लखनऊ।

विषय- बैंक द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की पूछताछ हेतु।

महोदय,
हम आपके बैंक के 10 वर्ष पुराने ग्राहक हैं। आपके बैंक में हमारा चालू खाता है। साथ ही हमारे परिवार के कई लोगों के बचत खाते भी आपके बैंक में खुले हुए हैं। हम आपके बैंक द्वारा वर्तमान समय में प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं।

आपसे अनुरोध है कि कृपया इस सम्बन्ध में सभी जानकारियाँ देने का कष्ट करें।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर……
(जीवन कुमार)
राम एण्ड सन्स

(85) सावधि जमा पर ब्याज दर सम्बन्धी पूछताछ करते हुए बैंक को पत्र लिखिए।

बी 222,
जहाँगीरपुरी,
दिल्ली।

दिनांक 24 मार्च, 20XX

सेवा में,
प्रबन्धक महोदय,
भारतीय स्टेट बैंक,
जहाँगीरपुरी,
दिल्ली।

विषय- सावधि जमा योजना के अन्तर्गत ब्याज दर सम्बन्धी पूछताछ हेतु।

महोदय,
मैं आपके बैंक की सावधि जमा योजना के अन्तर्गत तीन वर्ष के लिए 50,000 जमा करना चाहता हूँ। कृपया इस सन्दर्भ में अवगत कराएँ कि इस जमा पर मुझे कितने प्रतिशत ब्याज प्राप्त होगा।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर……
(अजय कुमार)

(86) अपने बिल का भुगतान करने के लिए कम्पनी से अतिरिक्त समय की माँग करते हुए पत्र लिखिए।

दीवान एण्ड सन्स,
सोनीपत,
हरियाणा।

दिनांक 26 मई, 20XX

सेवा में,
देशबन्धु एक्सपोर्ट्स प्रा. लि.,
जलियाँवाला बाग,
अमृतसर।

विषय- बिल के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय की माँग हेतु।

महोदय,
आपके द्वारा 24 मई, 20XX को भेजे गए पत्र के माध्यम से हमें हमारे एकाउण्ट का पूर्ण विवरण प्राप्त हुआ। हमें आपके 2 लाख का भुगतान करना है।

जैसा कि आप जानते हैं हमने आपके बिलों का भुगतान सदैव समय से किया है और आगे भी समय से करते रहेंगे, किन्तु इस बार किन्हीं विशेष परिस्थितियोंवश हमें आपसे कहना पड़ रहा है कि पिछले बकाया की अदायगी के लिए हमें कुछ दिनों का अतिरिक्त समय देने की कृपा करें। अभी हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, किन्तु हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि अगले तीन महीनों में हम आपकी अब तक की पूर्ण राशि का भुगतान कर देंगे।

आपके सहयोग की अपेक्षा में।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर ……
(विकास शर्मा)
प्रोपाइटर
(दीवान एण्ड सन्स)

(87) बैंक में खाता खोलने के सन्दर्भ में बैंक की ओर से धन्यवाद देते हुए पत्र लिखिए।

भारतीय स्टेट बैंक,
मधुबन, उदयपुर,
राजस्थान।

दिनांक 28 मई, 20XX

सेवा में,
श्री धर्मेन्द्र कुमार,
डी. सी. पी., उदयपुर,
राजस्थान।

विषय- बैंक में खाता खोलने हेतु।

महोदय,
हमारी शाखा में आपके द्वारा भेजा गया बचत खाता खुलवाने सम्बन्धी पत्र प्राप्त हुआ। हमारी शाखा से जुड़ने की इच्छा प्रकट करने के लिए आपका धन्यवाद। आपकी माँग के अनुसार हम बचत खाता खोलने सम्बन्धी सभी आवश्यक फार्म आदि भेज रहे हैं, जिन्हें भरकर आप किसी भी कार्यदिवस में हमारे बैंक में उपस्थित होकर खाता खुलवा सकते हैं। आपका सदैव स्वागत है। आप निम्नलिखित में से किसी एक को पहचान पत्र के रूप में फार्म के साथ संलग्न कर सकते हैं-पासपोर्ट की प्रतिगैस कनेक्शन रसीदवाहन चलाने का वैध लाइसेन्समतदाता पहचान पत्रअद्यतन टेलीफोन बिलअद्यतन बिजली बिल

इनके अतिरिक्त निम्नलिखित दस्तावेज देने आवश्यक हैं-
पैन/जी.आई.आर. क्रमांक अथवा फार्म 60 का प्रमाण
(नकद जमा के मामले में)अद्यतन पासपोर्ट साइज दो फोटोग्राफ

आपकी सेवा में सदैव तत्पर।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर…..
(रविन्द्र सलूजा)
प्रबन्धक

(88) खराब माल प्राप्त होने से उत्पन्न समस्या को बताते हुए उत्पाद कम्पनी के प्रबन्धक को पत्र लिखिए।

गुप्ता बूट हाउस,
ग्रीन विलेज,
बंगलुरु।

दिनांक 26 मई, 20XX

सेवा में,
मै. फीनिक्स शूज लिमिटेड,
सेक्टर 63,
नोएडा।

विषय- माल खराब होने से उत्पन्न समस्या सम्बन्धी पत्र।

महोदय,
हमें खेद प्रकट करते हुए आपको सूचित करना पड़ रहा है कि आपने हमारे ऑर्डर सं. 87 के सन्दर्भ में 23 मई, 20XX को जूतों के जो 13 कॉर्टन भेजे थे, उनमें से 3 कॉर्टन के 8 जोड़ी जूते हमारे मानदण्डों के अनुरूप नहीं हैं। 13 जोड़ी जूतों के सोल चटख़े हुए हैं, जबकि 5 जोड़ी जूतों की पेस्टिंग और सिलाई ठीक से नहीं हुई है।

हमारे और आपके बीच कुछ व्यापारिक शर्ते तय हुई थीं। उनके अनुसार, कृपया खराब माल को बदलकर उनकी जगह नए माल को शीघ्र भिजवाने की व्यवस्था करें।

कृपया इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस तरह की पुनरावृत्ति भविष्य में न होने पाए।

धन्यवाद सहित।

भवदीय,
हस्ताक्षर…..
(मदन गुप्ता)
प्रोपाइटर,
गुप्ता बूट हाउस

(89) बैंक की पास-बुक की प्रविष्टियों में गड़बड़ी होने की समस्या के निदान हेतु बैंक के प्रबन्धक को पत्र लिखिए।

राधेश्याम एण्ड सन्स,
सदर बाजार,
लखनऊ।

दिनांक 28 मई, 20XX

सेवा में,
प्रबन्धक महोदय,
यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया,
सदर बाजार,
लखनऊ।

विषय- बैंक पास-बुक की प्रविष्टि में गड़बड़ी की समस्या हेतु।

महोदय,
आपके बैंक में हमारा चालू खाता सं. 23567 है। हमने अपनी पास-बुक की प्रविष्टियाँ पूर्ण करवाने हेतु 27 मई, 20XX को बैंक में भेजी थीं। आज जब हमने प्रविष्टियों की की, तो पाया कि वर्तमान में हमारे खाते में 13,755 शेष हैं। हमारे रिकॉर्ड के अनुसार यह प्रविष्टि त्रुटिपूर्ण है।

त्रुटि को ठीक करने हेतु हम पुनः अपनी पास-बुक भेज रहे हैं। कृपया जाँच करके उक्त त्रुटि को सुधारकर सही प्रविष्टि अंकित कर दें।

धन्यवाद।

भवदीय,
हस्ताक्षर…..
(दिनेश चन्द)
राधेश्याम एण्ड सन्स

(90) ए.टी.एम. कार्ड न मिलने की शिकायत सम्बन्धी ई-पत्र लिखिए।

To< debitcard@bobcards.com >
Subject: एटीएम कार्ड न मिलने की शिकायत

सेवा में,
श्रीमान महाप्रबन्धक,
बैंक ऑफ बड़ौदा,
शहीद भगत सिंह मार्ग,
कोलाबा, मुम्बई-400001

महोदय,
मेरा खाता नं. ……. हैं। मैंने एक माह पहले ए.टी.एम. कार्ड के लिए आवेदन किया था, किन्तु यह मुझे अभी तक नहीं मिल सका है। कृपया बताएँ इस देरी की क्या वजह है।

आपसे निवेदन है कि आप मेरा ए.टी.एम. कार्ड शीघ्र से शीघ्र मेरे पते पर भेजने का कष्ट करें।

धन्यवाद।

भवदीय,
पीयूष कुमार

(91)मित्र को अच्छे अंक प्राप्त करने की बधाई देते हुए ई-पत्र लिखिए।

To< archanagupta@gmail.com >
Cc<
Subject: ढेरों शुभकामनाएँ

प्रिय स्नेहा,

तुमने प्रतियोगी परीक्षा में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किए। तुम्हारा चयन हो जाने का समाचार सुनकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। इसके लिए तुम्हें मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएँ! तुम इसी तरह अपने जीवन में प्रगति करती रहो, मेरी ईश्वर से यही कामना है।

तुम्हारा मित्र,
ऋतिक

(92) पं. मोतीलाल नेहरू द्वारा अपने पुत्र जवाहरलाल नेहरू को लिखा गया पत्र।

बनारस,
कांग्रेस कैम्प,

दिनांक 28 दिसम्बर, 1905

प्रिय जवाहर,
नमस्कार।

मैं कांग्रेस के कार्यक्रम में भाग ले रहा हूँ, यह उपर्युक्त पते से ही आपको ज्ञात हो गया होगा। मैं यहाँ खासतौर से गोखले जी का भाषण सुनने आया था, जो मैं गत वर्ष नहीं सुन सका। उनका भाषण सुनियोजित तथा प्रशंसनीय था, फिर भी मुझे उसमें कोई असाधारण बात दिखाई नहीं पड़ी। ‘इण्डियन पीपुल’ की प्रति मैं भेज रहा हूँ, उसमें तुम्हें पूरा भाषण पढ़ने को मिल जाएगा। आज मैंने सुरेन्द्रनाथ जी का भाषण सुना तथा कल मैं इलाहाबाद वापस चला जाऊँगा। अब देखने-सुनने लायक कोई नई बात नहीं रह गई है। मुझे पता चला है कि लगाई गई प्रदर्शनी में कोई खास बात नहीं है। मैंने अभी तक यद्यपि देखी नहीं है, किन्तु यह पत्र लिख चुकने के बाद मैं उसे देखने जाऊँगा।

मैं बड़ी उत्सुकता से यह जानने की प्रतीक्षा में था कि पैर में मोच आ जाने के कारण तुम्हें फुटबॉल नहीं खेलना पड़ेगा। हैरो का डॉक्टर कभी तुम्हें नहीं छोड़ता, यदि चोट मालूम होती। तुम्हारा अगला पत्र मिलने पर पूरी जानकारी प्राप्त कर प्रसन्नता होगी।

इलाहाबाद से यहाँ आते समय तुम्हारी माँ की तबीयत बिलकुल ठीक थी। लखनऊ मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास प्रिंस ऑफ वेल्स द्वारा किया गया। समारोह भव्य था। मुझे वेल्स के राजकुमार तथा राजकुमारी को काफी निकट से देखने का मौका मिला था।

(93) आपकी परीक्षा कुछ ही दिनों में होनेवाली है, लेकिन आपकी तैयारी अच्छी नहीं है। अपने पिता को एक पत्र लिखिए जिसमे अगले वर्ष परीक्षा में शरीक होने की अनुमति के लिए उनसे अनुरोध कीजिए।

मीठापुर,
पटना-1
5 मार्च, 1988

पूज्यवर पिताजी,

मेरी बोर्ड परीक्षा 9 मार्च से शुरू होगी। आपको यह जानकर अत्यंत दुःख होगा कि परीक्षा के लिए मेरी तैयारी अच्छी नहीं है।

यद्यपि परीक्षा के लिए मैं कठिन परिश्रम करता रहा हूँ, फिर भी मैंने सभी विषयों को अच्छी तरह तैयार नहीं किया है। मैं अँगरेजी और भौतिक विज्ञान में बहुत कमजोर हूँ। मुझे भय है कि यदि परीक्षा में शरीक होऊँगा तो इन विषयों में अवश्य असफल हो जाऊँगा। यदि मैं इस वर्ष परीक्षा में नहीं बैठूँगा तो अच्छा होगा।

इस दुःखद समाचार से आप तथा माँ अवश्य चिंतित होंगे, लेकिन मैं बिलकुल मजबूर हूँ। आपको यह कहने में मुझे अत्यंत दुःख हो रहा है कि मैं परीक्षा में सफल नहीं हो सकता। कृपया मुझे अगले वर्ष परीक्षा में शरीक होने की अनुमति दें। मैं आपको विश्र्वास दिलाता हूँ कि मैं कठिन परिश्रम करूँगा और कमजोरी को पूरा कर लूँगा। मुझे सभी विषयों को अच्छी तरह तैयार करने के लिए काफी समय मिलेगा।

अत्यंत आदर के साथ,
आपका स्त्रेही,
गिरींद्र
पता- श्री सुरेंद्र प्रसाद,
न्यू एरिया
आरा

(94) अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर स्थानांतरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु अनुरोध कीजिए।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 11 सितंबर, 20XX

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
डायमंड पब्लिक स्कूल,
दिल्ली।

विषय- स्थानांतरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैंने इस वर्ष आपके विद्यालय से कक्षा नौवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है और मैं अभी दसवीं कक्षा में अध्ययनरत हूँ। अचानक ही मेरे पिताजी द्वारा यहाँ की नौकरी से त्याग-पत्र देकर करनाल जाने के कारण मुझे भी करनाल जाकर दसवीं कक्षा में प्रवेश लेना होगा। इसके लिए मुझे स्थानांतरण प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होगी।

अतः आपसे निवेदन है कि मुझे एक स्थानांतरण प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाए, जिसमें मेरी शैक्षणिक योग्यताओं के अतिरिक्त खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया हो। यह मुझे वहाँ प्रवेश दिलाने में अतिरिक्त मदद करेगा।
धन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी शिष्य
क.ख.ग,
कक्षा- दसवीं ‘ब’
अनुक्रमांक- 19

(95) प्रधानाचार्य महोदय को पत्र लिखकर विद्यालय के बाहर खड़े खोमचे वालों की शिकायत कीजिए ताकि उन्हें हटवाया जा सके।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 21 जुलाई, 20XX

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
प्रतिभा विकास विद्यालय,
कश्मीरी गेट, दिल्ली।

विषय- विद्यालय के बाहर खड़े खोमचे वालों को हटवाने हेतु।

महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि हमारे विद्यालय के मुख्य द्वार पर शिक्षण काल के दौरान ही अनेक खोमचे वाले बैठकर खाने-पीने का सामान बेचते हैं। इनके द्वारा बेची जाने वाली खाद्य वस्तुएँ अत्यंत निम्न स्तर की होती हैं। इन्हें बनाने के लिए घटिया तेलों व निम्न गुणवत्ता वाली चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से ये सारी वस्तुएँ हानिकारक हैं। इनको खाने से प्रायः छात्र बीमार भी हो जाते हैं। विद्यालय के पास इन खाने-पीने की चीजों की बिक्री हमारे विद्यालय के छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ के समान है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इन खोमचे वालों को विद्यालय के मुख्य द्वार से हटवाने की कृपा करें।
धन्यवाद !

भवदीया
क.ख.ग
कक्षा- दसवीं ‘ब’

(96) विद्यालय के गेट पर मध्यावकाश के समय ठेले और रेहड़ी वालों द्वारा जंक फूड बेचे जाने की शिकायत करते हुए प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर उन्हें रोकने का अनुरोध कीजिए।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 1 दिसंबर, 20XX

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
दयाराम साहनी पब्लिक स्कूल,
दरियागंज, दिल्ली- 110002

विषय- विद्यालय के बाहर जंक फूड बेचे जाने से अवगत कराने हेतु।

महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय के दसवीं कक्षा का छात्र हूँ। हमारे विद्यालय के गेट पर मध्यावकाश के समय ठेले और रेहड़ी पर जंक फूड बेचा जाता है। बहुत-से विद्यार्थी प्रतिदिन इस जंक फूड का सेवन करने के कारण बीमार पड़ गए हैं। इस खुले हुए जंक फूड पर मक्खियों और धूल-मिट्टी का आक्रमण रहता है। कल हमारे कुछ मित्रों ने यहाँ से बर्गर खरीद कर खाया था, जिसके कुछ ही देर बाद वे बीमार हो गए। इस बीमारी के कारण आज वे विद्यालय में उपस्थित नहीं हो पाए हैं, जिससे उनकी पढ़ाई अवरुद्ध हो रही है। महोदय मेरा आपसे अनुरोध है कि इस प्रकार की घटिया गुणवत्ता वाले जंक फूड के बेचे जाने पर रोक लगानी चाहिए।
धन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग
कक्षा- दसवीं ‘ब’

(97) अपने क्षेत्र के विद्युत विभाग के अधिकारी को विद्युत बिल ठीक कराने के लिए पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
उत्तर प्रदेश।

दिनांक- 17 अक्टूबर, 20XX

सेवा में,
एसडीओ (विद्युत वितरण विभाग),
क्षेत्र संख्या-5
मुरादाबाद।

विषय- बिजली का बिल ठीक करवाने हेतु।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मेरे घर की बिजली की जुलाई-अगस्त 2016 तक की मीटर रीडिंग 8979 दिखाई गई है, जबकि आज के दिन तक हमारा मीटर 8000 तक ही पहुँचा है। इसका अर्थ है कि बिजली की रीडिंग लेने के संबंध में लापरवाही हुई है और किसी कर्मचारी ने बिना मीटर देखे ही अपने तरीके से विद्युत बिल संबंधी प्रपत्र तैयार कर दिया। इससे पहले कभी भी हमारा बिजली का बिल इतना अधिक नहीं आया है। इसके प्रमाण हेतु मैं पिछले तीन बिलों की छायाप्रतियाँ भी संलग्न कर रहा हूँ।

अतः आपसे अनुरोध है कि इस संबंध में शीघ्र ही उचित कार्यवाही की जाए तथा मेरा बिल ठीक करके सही बिल भेजा जाए, ताकि मैं उसे जमा कर सकूँ।
सधन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

(98) अपने क्षेत्र में भारी यातायात के कारण होने वाली असुविधाओं का वर्णन करते हुए क्षेत्र के सांसद को पत्र लिखकर उन्हें दूर करने का अनुरोध कीजिए।

परीक्षा भवन,
उत्तर प्रदेश।

दिनांक- 12 जनवरी, 20XX

सेवा में,
श्रीमान सांसद,
गाजियाबाद।

विषय- राष्ट्रीय राजमार्ग के यातायात को नियंत्रित करने के संदर्भ में।

महोदय,
आपके क्षेत्र का जागरूक नागरिक होने के नाते मैं आपका ध्यान राष्ट्रीय राजमार्ग के यातायात की ओर दिलाना चाहता हूँ। हमारे नगर के जिस भाग से राष्ट्रीय राजमार्ग (दिल्ली-देहरादून) गुजरता है, वहाँ हमेशा दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। नगरवासी लंबी दूरी के वाहनों और नगर की भीड़ से परेशान रहते हैं। यह समस्या स्थायी है। इसका समाधान करने के लिए दीर्घकालीन और सुविचारित योजना का होना अत्यंत आवश्यक है। मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि आप एक सांसद होने के नाते अपने प्रभाव का प्रयोग करते हुए अपने नगर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक लंबा पुल बनवाएँ। इसी से समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है।

आशा है कि आप मेरे सुझाव पर ध्यान देते हुए इस पर शीघ्र कार्यवाही करेंगे।
धन्यवाद!

प्रार्थी
क.ख.ग.

(99) अपने क्षेत्र में पेड़-पौधों के अनियंत्रित कटाव को रोकने के लिए जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 20 जून, 20XX

सेवा में,
जिलाधिकारी, महोदय,
वन एवं पर्यावरण विभाग,
नई दिल्ली।

विषय- पेड़-पौधों के अनियंत्रित कटाव को रोकने हेतु।

महोदय,
मैं आजादपुर क्षेत्र का निवासी हूँ। अपने क्षेत्र का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र में हो रहे पेड़-पौधों के अनियंत्रित कटाव की ओर दिलाना चाहता हूँ। दो-तीन वर्षो पूर्व हमारा क्षेत्र बहुत हरा-भरा था, लेकिन आज परिस्थिति बदल चुकी है। हाल ही में यहाँ कई विकास परियोजनाओं का आरंभ हुआ है, जिसके कारण पेड़-पौधों को अंधाधुंध काटा जा रहा है। इससे इस क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पेड़-पौधों हमारे लिए कितने महत्त्वपूर्ण हैं, यह जानते हुए भी हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। इसे किसी भी स्थिति में तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता।

मैं समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से आपसे निवेदन करता हूँ कि हमारे क्षेत्र में वृक्षों के अनियंत्रित कटाव को रोकने के लिए शीघ्र ही उचित कदम उठाइए ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
उचित कदम की प्रतीक्षा में।

भवदीय
क.ख.ग.
आजादपुर

(100) अपने क्षेत्र में एक नया डाकघर स्थापित करने की माँग करते हुए मुख्य डाक-अधिकारी को एक पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 22 मई, 20XX

सेवा में,
मुख्य डाक अधिकारी,
डाकघर- सेक्टर8,
नोएडा।

विषय- क्षेत्र में नया डाकघर खोलने के संबंध में।

महोदय,
निवेदन है कि मैं नोएडा के सेक्टर 35 में रहता हूँ। सेक्टर 20 से सेक्टर 65 तक बहुत आबादी बस चुकी है। यहाँ की जनसंख्या पिछले पाँच वर्षों की तुलना में तीन गुनी हो चुकी है, किन्तु इस क्षेत्र के लिए समुचित डाकघर की व्यवस्था नहीं है। डाकघर से संबंधित किसी भी कार्य के लिए लोगों को यहाँ से बहुत दूर सेक्टर 14 में जाना पड़ता है, जिसमें बहुत परेशानी होती है। विशेषकर बूढ़ों और महिलाओं को बहुत कष्ट उठाना पड़ता है।

मेरा डाक विभाग से विनम्र अनुरोध है कि क्षेत्र की आवश्यकता और परेशानी को देखते हुए इस क्षेत्र में शीघ्र ही एक डाकघर खुलवाने की कृपा करें, जिससे यहाँ के नागरिकों को होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल सके।
धन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

(101) किसी प्रतिष्ठित दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव देते हुए पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 20 अगस्त, 20XX

सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
दिल्ली।

विषय- सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के संदर्भ में।

महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से सरकार और समाज का ध्यान बढ़ती हुए सड़क दुर्घटनाओं की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। आशा है कि आप इसे जनहित में अवश्य प्रकाशित करेंगे।
इन दिनों दिल्ली में सड़क दुर्घटनाएँ काफी बढ़ गई हैं। वाहन चालक यातायात के नियमों का खुला उल्लंघन करते हैं। उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है।

दुर्घटनाओं को रोकने के संबंध में मैं निम्नलिखित सुझाव देना चाहता हूँ।
(i) प्रातः 8 से 12 बजे तक तथा सायं 5 से 8 बजे तक सभी व्यस्त चौराहों पर यातायात पुलिस के सिपाही उपस्थित रहें और वे नियम का उल्लंघन करने वालों का चालान करें।
(ii) वाहन चलाते हुए मोबाइल से बात करने वालों का तुरंत चालान कर देना चाहिए।
(iii) दो बार से अधिक कोई भी नियम भंग करने वाले चालक का ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर लिया जाना चाहिए।
(iv) ऐसे वाहन चालकों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए, जो अपने वाहन को निर्धारित गति सीमा में चलाते हों तथा किसी प्रकार के नियम भंग न करते हों।
(v) जनता से ऐसे वाहन चालकों के वाहन नंबर नोट करके यातायात पुलिस को देने की अपील करनी चाहिए, जो सड़क पर वाहन चलाते समय नियमों का उल्लंघन करते हों।
धन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

(102) किसी समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए जिसमें दिल्ली में बढ़ती हुई अपराधवृत्ति की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया हो।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक- 23 फरवरी, 20XX

सेवा में,
श्रीमान संपादक महोदय,
दैनिक हिंदुस्तान,
नई दिल्ली।

विषय- दिल्ली में बढ़ती हुई अपराधवृत्ति से संबंधित।

महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से दिल्ली सरकार के अधिकारियों का ध्यान दिल्ली में बढ़ती हुई अपराधवृत्ति की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ। आशा है कि आप मेरे पत्र को अपने लोकप्रिय समाचार-पत्र में प्रकाशित करेंगे।

अत्यंत खेद के साथ मुझे लिखना पड़ रहा है कि दिल्ली में आजकल गुंडागर्दी, बलात्कार, हत्याएँ, लूटपाट, अपहरण जैसी आपराधिक घटनाएँ लगातार बढ़ रही है। देश की राजधानी दिल्ली ‘अमन चैन की राजधानी’ न रहकर असामाजिक तत्त्वों व अपराधियों द्वारा निर्मित ‘भय व आतंक के वातावरण की राजधानी’ बनकर रह गई है। दिन-दहाड़े दुकानदारों से लूट, घरों में चोरी, छोटे बच्चों का अपहरण, लड़कियों से छेड़छाड़ व बलात्कार तो जैसे आम बात हो गई है। सुबह-सुबह समाचार-पत्र देखने पर ऐसा लगता है जैसे दिल्ली में पुलिस का नहीं, बल्कि अपराधियों का नियंत्रण है।

अतः केंद्र सरकार तथा पुलिस के अधिकारियों से मेरा अनुरोध है कि वे इस संबंध में कठोरतम कार्यवाही करें, जिससे अपराधियों के मन में कानून के प्रति भय उत्पन्न हो और वे अपराध करने से पहले दस बार सोंचे। अपराधियों पर नियंत्रण रखा जाना अत्यंत आवश्यक है।
सधन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

(103) गत कुछ दिनों से आपके क्षेत्र में अपराध बढ़ने लगे हैं जिससे आप चिंतित हैं। इन अपराधों की रोकथाम के लिए थानाध्यक्ष को पत्र लिखिए।

सेवा में,
थानाध्यक्ष महोदय,
तिलक नगर थाना,
नई दिल्ली- 110018

दिनांक- 23 मार्च 20XX

विषय- अपराधों की रोकथाम के संदर्भ में।

माननीय महोदय,
मैं दिल्ली के तिलक नगर का रहने वाला हूँ। मुझे अत्यंत दुःख के साथ आपको सूचित करना पड़ रहा है कि हमारी कॉलोनी में दिन-प्रतिदिन अपराध बढ़ रहे हैं। पहले यह कॉलोनी शांतिप्रिय थी पर अब यहाँ हम भय में जीवन जी रहे हैं। महिलाएँ तो घर से निकलने में कतराती हैं। कुछ सप्ताह पहले दो महिलाओं का किसी राह चलते लूटेरे ने पर्स छीन लिया और कल तो हद ही हो गई घर के सामने किसी काम से मेरी माता जी खड़ी थीं वहाँ राह चलते किसी ने उनकी चेन खींचकर ही भाग गया। घर के सदस्य उसके पीछे भागे परंतु वह तेजी से नौ दो ग्यारह हो गया। पूरे क्षेत्र में चोरी व छीनने की घटनाओं के कारण भय का माहौल हैं। लोग घर से निकलने में भी कतराते हैं।

अतः आप से विनम्र निवेदन है कि हमारी उचित सुरक्षा का प्रबंध करे व प्रतिदिन पुलिस की गश्त लगाते रहे। इससे हमें सुरक्षा का भाव मिले।

धन्यवाद,
भवदीय
नरेश

(104) आपने नया कंप्यूटर खरीदा किंतु खरीदने के एक महीने बाद ही उसमें खराबी आ गई आपकी शिकायत पर दुकानदार ने कोई ध्यान नहीं दिया। कंपनी के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखकर घटना की जानकारी देते हए उनसे अनुरोध कीजिए कि वे आपके साथ न्याय करें।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक 17 मई, 20XX

सेवा में,
मुख्य प्रबंधक अधिकारी,
एल.जी.कंप्यूटर कंपनी,
लक्ष्मी नगर,
दिल्ली।

विषय- कंप्यूटर खराब होने की जानकारी हेतु।

महोदय,
मैं आनंद विहार (दिल्ली) का निवासी हूँ। मैंने पिछले महीने की 21 सितंबर को आपके शोरूम से एक कंप्यूटर सैट खरीदा था। वह केवल एक महीने ही ठीक से चला, फिर खराब हो गया। अब यह चालू ही नहीं होता। आपकी तरफ से एक वर्ष की गारंटी मिलने पर मैंने कंप्यूटर शोरूम के मालिक के पास कई बार इसकी सूचना भेजी, परंतु अभी तक उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। कंप्यूटर के बिना हमारे कई काम अधूरे पड़े हुए हैं। विवश होकर मैंने आज आपको पत्र लिखा है।

आशा है कि आप हमारी परेशानी को समझेंगे और जल्द ही अपने कर्मचारियों को भेजकर इसे ठीक करवाएँगे। कंप्यूटर के नकद भुगतान की रसीद एवं गारंटी कार्ड की छायाप्रतियाँ भी पत्र के साथ भेज दी गई हैं।
धन्यवाद!

भवदीय,
क.ख.ग.

(105) आप निजी कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्था खोलना चाहते हैं। इस कार्य को आरंभ करने में अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता होगी। इस संदर्भ में अपने जनपद के केनरा बैंक के प्रबंधक महोदय को ऋण प्रदान करने हेतु एक आवेदन-पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
मोदीनगर, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)

दिनांक 20 अक्टूबर, 20XX

सेवा में,
श्रीमान प्रबंधक महोदय,
केनरा बैंक
मोदीनगर, उत्तर प्रदेश।

विषय- कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्था खोलने के लिए ऋण प्राप्ति हेतु।

मान्यवर,
मैं आपको विनम्र रूप से सूचित करना चाहता हूँ कि मैं पिछले कुछ वर्षों से एक विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक के रूप में कार्यरत हूँ। मैंने उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय से एम.सी.ए. किया हुआ है। कंप्यूटर प्रशिक्षण के क्षेत्र में अत्यधिक रुचि होने के कारण मैंने इस क्षेत्र को अपने व्यवसाय के रूप में चुना है।
मैं अपने मोहल्ले में एक कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्था खोलना चाहता हूँ, जिससे अधिक-से-अधिक लोग कंप्यूटर का ज्ञान अर्जित कर सकें। मुझे इस व्यवसाय को प्रारंभ करने के लिए बहुत से डिवाइस की आवश्यकता पड़ेगी, जिसके लिए मेरे पास धन का अभाव है।

आज ही अख़बार में मैंने आपके बैंक द्वारा प्रकाशित किया गया विज्ञापन देखा है, जिसमें कम-से-कम दर पर ऋण देने की बात कही गई है।
अतः इस आवेदन के साथ मैं अपने संपूर्ण संबद्ध दस्तावेजों की प्रतिलिपियाँ भेज रहा हूँ। मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि मुझे विज्ञापन के अनुसार आसान किस्तों पर ऋण प्रदान करने का कष्ट करें।
आपकी अति कृपा होगी।
सधन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

(106) अपने राज्य के परिवहन सचिव को एक पत्र लिखिए, जिसमें आपकी बस्ती तक नया बस मार्ग आरंभ कराने का अनुरोध हो।

परीक्षा भवन,
दिल्ली।

दिनांक 15 सितंबर 20XX

सेवा में,
परिवहन सचिव महोदय,
दिल्ली सरकार,
दिल्ली।

विषय- अपनी कॉलोनी तक नए बस मार्ग हेतु।

मान्यवर,
मैं उत्तर-पश्चिम दिल्ली के विकासपुरी, डी-ब्लॉक का निवासी हूँ। हमारे क्षेत्र में बड़ी जनसंख्या निवास करती है, जिसमें अधिकांश लोग दिल्ली के विभिन्न भागों में कार्यरत हैं। हमारी कॉलोनी से कोई बस नहीं चलती। इसके कारण लोगों को प्रत्येक दिन अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है तथा लगभग 2 किमी पैदल चलकर ए-ब्लॉक बस स्टैंड तक आना पड़ता है। इसमें समय की बर्बादी के साथ शारीरिक-मानसिक परेशानी भी होती है।

अतः आपसे अनुरोध है कि विकासपुरी डी-ब्लॉक तक एक नया बस मार्ग (बस रूट) आरंभ करने की कृपा करें। इसके लिए हम सब आपके आभारी रहेंगे। मुझे विश्वास है कि आप इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी को इसके लिए उचित निर्देश देंगे।
धन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

(107) अपने मोहल्ले में वर्षा के कारण उत्पन्न जल-भराव की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करने के लिए नगर निगम के अधिकारी को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
इलाहाबाद।

दिनांक 19 नवंबर 20XX

सेवा में,
कार्यकारी अधिकारी,
इलाहाबाद नगर निगम,
इलाहाबाद।

विषय- जल-भराव की समस्या संबंधी।

मान्यवर,
मैं इलाहाबाद नगर निगम के अधीन आने वाले क्षेत्र टैगोर टाउन का निवासी हूँ। हमारे क्षेत्र में जल-भराव की अत्यंत गंभीर समस्या है और यह समस्या बरसात के दिनों में विकराल रूप धारण कर लेती है। जगह-जगह पर अत्यधिक पानी जमा हो जाता है। अभी पिछले कुछ दिनों से लगातार होने वाली वर्षा के कारण सड़कों एवं गलियों में पानी का इतना अधिक भराव हो गया है कि मोहल्ले के निवासियों को आवागमन में बहुत अधिक परेशानी हो रही है। पानी के निकास की उचित व्यवस्था न होने के कारण वह सड़ने लगा है, जिससे गंभीर बिमारियों के फैलने की आशंका उत्पन्न हो गई।

अतः आपसे अनुरोध है कि इस समस्या के समाधान के लिए शीघ्र उचित कार्यवाही की जाए, जिससे क्षेत्र के निवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के साथ-साथ संभावित गंभीर बीमारियों से भी बचाया जा सके। आशा है, आप इस दिशा में शीघ्र ही उचित कदम उठाएँगे।
सधन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

(108) आपके मोहल्ले में बिजली प्रायः रात्रि के समय कई-कई घंटों के लिए चली जाती है। बिजली संकट से उत्पन्न कठिनाइयों से अवगत कराते हुए बिजली विभाग के संबंधित अधिकारी को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
गाजियाबाद।

दिनांक 6 फरवरी, 20XX

सेवा में,
विद्युत अधिकारी
गाजियाबाद।

विषय- विद्युत कटौती के संदर्भ में।

महोदय,
इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान बिजली संकट की ओर दिलाना चाहता हूँ। पिछले चार-पाँच महीनों से इस क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बहुत खराब स्थिति में है। कोई समय निश्चित नहीं है कि बिजली की कटौती कब-से-कब तक की जाएगी और वह कब आएगी? बिजली जाती है, तो घंटों तक नहीं आती है।

श्रीमान, मैं एक विद्यार्थी हूँ। बोर्ड की परीक्षाएँ निकट हैं। मेरे जैसे अन्य विद्यार्थी भी इस समस्या से तनाव की स्थिति में रहते हैं। इन्वर्टर भी चार्ज नहीं हो पाता है, गर्मी और मच्छरों का आतंक अलग से है। यदि ऐसा ही चलता रहा, तो हमारे अध्ययन एवं करियर पर इसका अत्यंत नकारात्मक असर पड़ेगा। कृपया हमारी समस्या पर ध्यान देते हुए मोहल्ले में नियमित बिजली आपूर्ति के लिए शीघ्रातिशीघ्र ठोस कदम उठाएँ।
धन्यवाद!

भवदीय
क.ख.ग.

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