(Hindi Me Srvprthm) - हिंदी में सर्वप्रथम

(Hindi Me Srvprthm) – हिंदी में सर्वप्रथम


हिंदी में सर्वप्रथम (Hindi Me Srvprthm)

अपभ्रंश के प्रथम महा कविस्वयंभू
अपभ्रंश का प्रथम कड़वक बद्ध (7 चौपाई के बाद एक दोहा का क्रम) रचनापउम चरित्र (स्वयंभू)
अपभ्रंश के प्रथम ऐतिहासिक वैयाकरणहेमचंद्र
हिंदी के प्रथम कविसरहपा (9वीं सदी)
हिंदी में चौपाई-दोहा का सर्वप्रथम प्रयोगसरहपा
हिंदी की प्रथम रचनाश्रावकाचार (देवसेन कृत)
हिंदी साहित्य की प्रथम रचनापृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई)
हिंदी साहित्य का प्रथम महाकाव्यपृथ्वीराज रासो
हिंदी काव्य में प्रथम बारहमासा वर्णन का प्रथम प्रयोगबीसलदेव रासो(नरपति नाल्ह)
किसी भारतीय भाषा में रचित इस्लाम धर्मावलंबी कवि की प्रथम रचनासंदेश रासक (अब्दुर रहमान)
अवहट्ठ का सर्वप्रथम प्रयोगविद्यापति ने कीर्ति लता में
हिंदी के सर्वप्रथम गीतकारविद्यापति
हिंदी में सर्वप्रथम मुकरियों की शुरुआतअमीर खुसरो ने
भक्ति के प्रवर्तकरामानुज आचार्य
हिंदी के प्रथम सूफी कविअसाइत
सूफी प्रेमाख्यान का प्रथम काव्यहंसावली (असाइत)
हिंदी का प्रथम बड़ा महाकाव्यपद्मावत (जायसी)
हिंदी का प्रथम वक्रोक्ति कथात्मक महाकाव्यपद्मावत
हिंदी की आदि कवयित्रीमीराबाई
कृष्ण भक्ति काव्य का सबसे प्रसिद्ध काव्यसूरसागर (सूरदास)
राम भक्ति का सबसे प्रसिद्ध काव्यरामचरितमानस (तुलसीदास )
भक्तिकाल को ‘हिन्दी काव्य का स्वर्ण युग’ घोषित करने वाला प्रथम व्यक्तिजॉर्ज ग्रियर्सन
सर्वप्रथम सतसई परंपरा का आरंभतुलसी सतसई (कुछ कृपाराम की ‘हिततरंगिनी’ को मानते हैं)
रीति काव्य का सर्वप्रथम ग्रंथहिततरंगिनी (कृपाराम)
खड़ी बोली में लिखित सर्वप्रथम काव्य ग्रंथश्रीधर पाठक द्वारा अनूदित ‘एकांतवासी योगी’
खड़ी बोली के प्रथम स्वच्छंदतावादी कविश्रीधर पाठक
‘स्वच्छंदतावाद’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोगश्लेगर (जर्मन आलोचक) मुकुटधर पाण्डेय (हिन्दी में)
खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्यप्रियप्रवास (हरिऔंध)
गीतिकाव्य शब्द का सर्वप्रथम प्रयोगलोचन प्रसाद पांडेय ने ‘कुसुमन माला’ की भूमिका में
छायावाद की प्रथम कृति‘झरना’ (1918 ई०) प्रसाद
शुक्लानुसार छायावाद का प्रथम व प्रतिनिधि कविपंत
मुक्तछंद का प्रथम प्रयोगकर्तानिराला (‘जूही की कली’ मे)
निराला की प्रथम कविताजूही की कली (1916 ई०)
निराला की प्रथम काव्य कृति‘जुही की कली (1918 ई०)
प्रसाद की प्रथम काव्य कृति‘उर्वशी’ (1909 ई०)
प्रसाद की प्रथम छायावादी काव्य कृति‘झरना’ (1918 ई०)
पंत की प्रथम छायावादी काव्यकृति‘उच्छवास’ (1918 ई०)
महादेवी की प्रथम काव्य कृति‘नीहार’ (1930 ई०)
‘प्रयोगवाद’ शब्द का प्रथम प्रयोगनंददुलारे बाजपेयी
‘नई कविता’ नाम दिया‘अज्ञेय ने’
अज्ञेय की प्रथम काव्य कृतिभग्नदूत (1933 ई०)
हिन्दी की प्रथम दलित रचना‘अछूत की शिकायत’, रचनाकार-पटना (बिहार) के वासी हीरा डोम, प्रकाशन- ‘सरस्वती’ पत्रिका के सितम्बर, 1914 अंक में
प्रेमचन्द्र का प्रथम उपन्यासप्रेमा अर्थात दो सखियों का विवाह, (1907 ई०) (हमखुर्मा व हम सवाब का हिन्दी रूपान्तर)
हिंदी का प्रथम उपन्यासपरीक्षा गुरु (लाला श्री निवास दास कृत)
प्रेमचंद का मूल रूप से हिंदी में लिखित प्रथम उपन्यासकायाकल्प (1926 ई० )
जैनेंद्र का प्रथम उपन्यासपरख (1929 ई०)
इलाचंद्र जोशी का प्रथम उपन्यासघृणामयी (1929 ई०)
भगवती चरण वर्मा का प्रथम उपन्यासचित्रलेखा (1934 ई०)
अज्ञेय का प्रथम उपन्यासशेखर एक जीवनी (1941 ई०)
रेणु का प्रथम उपन्यासमैला आँचल (1954 ई०)
निर्मल वर्मा का प्रथम उपन्यासवे दिन (1964 ई०)
हिंदी की प्रथम मौलिक कहानीइंदुमती (किशोरीला)
हिंदी की प्रथम कहानी लेखिकाबंग महिला( राजेंद्र बाला घोष)
प्रसाद की प्रथम कहानीग्राम (1911 ई०)
प्रेमचंद की प्रथम कहानीपंच परमेश्वर (1916 ई०)
अज्ञेय का प्रथम कहानी संग्रहविपथगा (1937 ई०)
‘नयी कहानी’ की प्रथम कृतिपरिंदे (निर्मल वर्मा)
निर्मल वर्मा का प्रथम कहानी संग्रहपरिंदे (1960 ई०)
कमलेश्वर का प्रथम कहानी संग्रहराजा निरबंसिया (1957 ई०)
हिंदी का प्रथम मौलिक नाटकनहुष (गोपाल चंद्र)
हिंदी का प्रथम अभिनीत नाटकजानकी मंगल (शीतला प्रसाद त्रिपाठी)
प्रसाद का प्रथम ऐतिहासिक नाटकराज्यश्री 1915 ई०
हिंदी का प्रथम एकांकीएक घूंट (प्रसाद)
आचार्य रामचंद्र शुक्ल की पहली सैद्धांतिक आलोचनात्मक कृतिकाव्य में रहस्यवाद
रस विवेचन को पहली बार मनोवैज्ञानिक आधार प्रदान कियारामचंद्र शुक्ल ने
हिंदी में साधारणीकरण के संबंध में पहला चिंतन (साधारणीकरण का प्रथम प्रयोग कर्ता- भट्टनायक)रामचंद्र शुक्ल
पद्य में रचित हिन्दी की प्रथम आत्मकथाअर्द्धकथानक (1641 ई० बनारसीदास)
गद्य में रचित हिन्दी की प्रथम आत्मकथास्वचरित आत्मचरित (1879 ई०, दयानंद सरस्वती)
हिंदी में प्रथम जीवनीभक्तमाल (1585 ई० नाभादास)
प्रथम मौलिक जीवनी लेखककार्तिक प्रसाद खत्री
हिंदी में प्रथम संस्मरणहरिऔंध का संस्मरण (बालमुकुंद गुप्त)
हिंदी में प्रथम रेखाचित्रपदम पराग (1929 ई०, पदम सिंह शर्मा)
हिंदी में प्रथम यात्रा-वृतांतलंदन यात्रा (1883 ई० श्रीमती हरदेवी)
हिंदी में प्रथम रिपोर्ताजलक्ष्मीपुरा (1938 ई०, शिवदान सिंह चौहान)
हिंदी गद्य-काव्य की प्रथम रचनासाधना (राय कृष्णदास)
हिंदी साहित्य इतिहास का प्रथम ग्रंथइस्तवार द ला लितरेच्यूर ऐन्दुई ऐ ऐन्दुस्तानी (गाँर्सा-द-तासी)
हिन्दी साहित्येतिहास का हिन्दी भाषा में लिखा जानेवाला प्रथम ग्रंथशिवसिंह सरोज (शिव सिंह सेंगर)
हिंदी साहित्य इतिहास का प्रथम वास्तविक ग्रंथद मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान (जॉर्ज ग्रियर्स)
हिंदी साहित्य के काल विभाजन व नामकरण का प्रथम प्रयास करने वालाजॉर्ज ग्रियर्सन
हिंदी साहित्य इतिहास का प्रथम व्यवस्थित ग्रंथहिंदी साहित्य का इतिहास( रामचंद्र शुक्ल)
परंपरा की दृष्टि से रचित हिंदी साहित्य इतिहास का प्रथम ग्रंथहिंदी साहित्य की भूमिका (हजारी प्रसाद द्विवेदी)
साहित्य इतिहास का प्रथम मार्क्सवादी ग्रंथ काररामविलास शर्मा
खड़ी बोली (पद्य) का प्रथम प्रयोगकर्ताअमीर खुसरो
खड़ी बोली की प्रथम गद्य रचनाचंद छंद बरनन की महिमा (गंग कवि)
खड़ी बोली में साहित्यिक स्वरूप का सर्वप्रथम प्रयोग कियाराम प्रसाद निरंजनी ने ‘योगभाषा वशिष्ठ’ में
खड़ी बोली काव्य रचना के पक्ष में आंदोलन चलाने वाले इतिहास-पुरुषअयोध्या प्रसाद खत्री
किसी भारतीय द्वारा देशी भाषा में प्रकाशित प्रथम पत्रसंवाद कौमुदी (1821 ई०, सं.राजा राममोहन राय)
प्रथम हिंदी पत्रउदंत मार्तंण्ड (30 मई 1826 ई०)
सर्वप्रथम हिंदी दैनिक पत्रसमाचार सुधा वर्षण (1854 ई०)
हिंदी की प्रथम लघु पत्रिकानए पत्ते (लक्ष्मीकांत वर्मा)
हिंदी में प्रकाशित प्रथम ग्रंथावलीभारतेंदु ग्रंथावली (खड्ग विलास प्रेस, पटना)
हिंदी के लिए प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कारहिम तरंगिनी (माखनलाल चतुर्वेदी 1954 ई० में )
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम हिंदी साहित्यकारपंत (चिदम्बरा, 1968 ई०)
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम हिंदी महिला साहित्यकारमहादेवी वर्मा(यामा, 1982 ई०)
प्रथम व्यास सम्मानभारत के भाषा परिवार और हिंदी (डॉक्टर रामविलास शर्मा 1991 ई०)
प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलननागपुर (1975 ई०)
एम.ए . (हिंदी) का सर्वप्रथम शिक्षण प्रारंभ हुआकाशी हिंदू विश्वविद्यालय में (1921 ई० में )
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रथम हिंदी विभागाध्यक्षश्यामसुंदर दास
साहित्य अकादमी का प्रथम अध्यक्षपंडित जवाहरलाल नेहरु
हिंदी साहित्य परिषद का प्रथम अध्यक्षपुरुषोत्तम दास टंडन
संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) में हिंदी में भाषण देने वाला प्रथम व्यक्तिअटल बिहारी बाजपेयी (1977 ई०)
हिंदी भाषा का प्रथम वैज्ञानिक इतिहासहिंदी भाषा का इतिहास (1933 ई०, धीरेंद्र वर्मा)
विश्व का प्रथम व्याकरण-ग्रंथ‘अष्टाध्यायी’ (4 वीं सदी ई० पू. पाणिनी)
हिन्दी का प्रथम वैयाकरणजोहन जोशुआ केटलेर [हालैण्ड निवासी केटलेर डच ईस्ट इंडिया कंपनी के एलची (राजदूत) के रूप में भारत में दो दशक (1696-1716) तक रहे; ‘हिन्दुस्तानी ग्रामर’ (1698 ई०, डच भाषा में]
हिन्दी भाषा में हिन्दी का व्याकरण लिखने वाला प्रथम वैयाकरणपादरी एम.टी. आदम [‘हिन्दी भाषा का व्याकरण’ (1827 ई०, हिन्दी भाषा में, कलकत्ता से प्रकाशित)]
हिन्दी का प्रथम भारतीय वैयाकरणपं. श्रीलाल (बिहारी निवासी; ‘भाषा चन्द्रोदय’, 1855 ई०)
हिन्दी के दो सर्वाधिक प्रसिद्ध वैयाकरणपं. कामता प्रसाद गुरु (‘हिन्दी व्याकरण’, 1921 ई०; नागरी प्रचारिणी सभा, काशी से प्रकाशित) एवं पं किशोरी दास बाजपेयी (‘हिन्दी शब्दानुशासन’, 1958 ई०; नागरी प्रचारिणी सभा, काशी से प्रकाशित)
विश्व का प्रथम कोशकार/शब्दाकोशकारमहर्षि यास्क (‘निरुक्त’, 5 वीं, सदी ई० पू.)
हिन्दी के प्रथम कोशकार/शब्दकोशकारअमीर खुसरो (‘खलिक-ए-बारी’- द्विभाषी कोश/फारसी-हिन्दवी कोश)
हिन्दी भाषा में हिन्दी का कोश/शब्दकोश संपादित करने वाला प्रथम कोशकार/ शब्दाकोशकारपादरी एम.टी.आदम (‘हिन्दी कोश’, 1829 ई., कलकत्ता से प्रकाशित)
हिन्दी का प्रथम मौलिक कोश/शब्दकोश‘हिन्दी शब्द सागर’ (1929 ई०; नागरी प्रचारिणी सभा, काशी से प्रकाशित, संपादक त्रयी; श्याम सुंदर दास, आचार्य रामचन्द्र शुक्ल व आचार्य रामचन्द्र वर्मा)
हिन्दी का प्रथम समांतर कोश/थिसॉरस (Thesauras)‘समांतर कोश (1996 ई.; नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली से प्रकाशित, संपादक दंपति; अरविन्द कुमार व कुसुम कुमार)
हिन्दी का प्रथम भाषा सर्वेक्षकअमीर खुसरो (1317 ई. में भाषा सर्वेक्षण)
हिन्दी का सर्वाधिक प्रसिद्ध भाषा सर्वेक्षकजॉर्ज ए.ग्रियर्सन (1894 ई. में भाषा सर्वेक्षण का कार्य आरंभ एवं 1927 ई. में भाषा सर्वेक्षण का कार्य संपन्न, संपादित ग्रंथ का नाम : ‘ए लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया’ (भारतीय भाषा सर्वेक्षण)
छपाई के लिए नागरी टाइपों का निर्माण करने वाला प्रथम व्यक्तिचार्ल्स विल्किन्स (1750-1836 ई.)
हिन्दी माध्यम से सम्पूर्ण शिक्षा देने वाली देश की पहली संस्थागुरुकुल काँगड़, हरिद्वार
हिन्दी का प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयमहात्मा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र)
हिन्दी की प्रथम शोध कृति/हिन्दी साहित्य से संबद्ध प्रथम शोध कृतिडॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल कृत ‘निर्गुण स्कूल ऑफ हिन्दी पोएट्री’ (अंग्रेजी भाषा में, 1934 ई., हिन्दी में अनुवाद- ‘हिन्दी काव्य में निर्गुण संप्रदाय’ नाम से)
हिन्दी भाषा से संबद्ध प्रथम शोध कृतिडॉ.धीरेन्द्र वर्मा ‘ला लाँग ब्रज’ (फ्रेंच भाषा में, 1935 ई., हिन्दी में अनुवाद- ‘ब्रजभाषा’ नाम से)
हिन्दी माध्यम में प्रस्तुत हिन्दी की प्रथम शोध कृतिफादर कामिल बुल्के कृत ‘रामकथा : उत्पत्ति और विकास (1949 ई.)
हिन्दी का पहला स्वतन्त्र मौलिक निबंधराजा भोज का सपना (राजा शिवप्रसाद सितारे हिन्द)
प्राचीनतम गद्यपद्य(चम्पू )काव्य -राउरवेळ -रोड़ा कवि
ब्रजभाषा गद्य की प्रथम रचनाशृंगार रस मंडन -गोंसाई विट्ठलनाथ
आधुनिक खड़ी बोली हिंदी गद्य का जनकभारतेन्दु
हिन्दी की पहली वैज्ञानिक कहानीचन्द्र लोक की यात्रा
फ्लेश बैक पद्धति आधारित प्रथम कहानीउसने कहा था
नवगीत परम्परा के सूत्रधारअज्ञेय
हिन्दी आलोचना के प्रवर्तकभारतेंदु
हिन्दी के प्रथम लक्षण ग्रंथकारकेशवदास
हिन्दी में रामभक्ति साहित्य सम्बन्धी प्रथम काव्य रचनारामरक्षा स्त्रोत (रामानंद)

हिन्दी में सर्वप्रथम || प्रथम उपन्यास, रचना, कवि, एकांकी, नाटक || Hindi me Pratham | Rachna

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